मैनपुरी में जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नेहा बंधु ने आईजीआरएस पोर्टल और जनसुनवाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली हमारी कार्यप्रणाली का आईना है और इसमें बेहतर प्रदर्शन करना हर विभाग की जिम्मेदारी है। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्रत्येक शिकायतकर्ता संतुष्ट होकर लौटे। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी अपने सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल्स स्वयं उठाएं और सीधे शिकायतकर्ताओं से बात करें, ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके। समीक्षा बैठक में सामने आया कि 16 फरवरी से 18 मार्च के बीच 349 फीडबैक लिए गए, जिनमें से 166 में शिकायतकर्ताओं ने असंतुष्टि व्यक्त की। विशेष रूप से, विद्युत विभाग में 78 में से 50 फीडबैक असंतोषजनक पाए गए। परिवहन, पूर्ति और स्वास्थ्य विभागों के खिलाफ भी शिकायतकर्ताओं ने नाराजगी जताई। सीडीओ ने पंचायती राज विभाग के प्रदर्शन पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस विभाग में बड़ी संख्या में मामलों को “स्पेशल क्लोज” किया जा रहा है, जिससे जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मांग से संबंधित मामलों में “स्पेशल क्लोज” न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल पर लॉगिन करके शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट तभी अपलोड की जाए जब शिकायतकर्ता से संतुष्टि की पुष्टि हो जाए। लगातार असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों में प्राथमिकता के आधार पर सुधार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ विभागों में किसी भी शिकायत पर असंतुष्ट फीडबैक नहीं मिला, जिसे एक सकारात्मक संकेत माना गया। हालांकि, हेल्पलाइन के 747 मामलों में से 118 पर असंतोषजनक प्रतिक्रियाएं दर्ज हुईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है, जहाँ लोगों को शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता ही न पड़े और मैनपुरी आईजीआरएस रैंकिंग में शीर्ष-10 में शामिल हो सके।

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