‘मेरा भाई मुझसे रेप के आरोपियों से मिलकर मेरी हत्या कराना चाहता है। मैं न्याय के लिए जिससे लड़ाई लड़ रही हूं, मेरा भाई उसका साथ दे रहा है। मेरे साथ गलत करने वालों से दोस्ती कर मेरा भाई मुझे ठिकाने लगाने का प्लान कर रहा है। एक बहन के साथ उसका सगा भाई इतनी बड़ी साजिश कर रहा है। मेरी जान को खतरा है, मेरे साथ कभी भी कोई घटना हो सकती है…।’ यह आरोप सीनियर IAS संजीव हंस और झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला एडवोकेट गायत्री कुमारी का है। बिहार के चर्चित और हाई प्रोफाइल मामले में गुरुवार को महिला एडवोकेट के आरोप के बाद नया मोड़ आ गया है। थाने पर आवेदन देकर महिला एडवोकेट ने परिवार वालों पर ही हत्या की साजिश रचने का केस दर्ज कराने की मांग की है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए कैसे हाई प्रोफाइल मामले में आया नया मोड़..। पहले महिला एडवोकेट का आरोप जानिए… मैं अपने भाई की साजिश से दहशत में हूं। भाई की साजिश का पता चला तो मैं बिहार पहुंची। मुझे घर में ही नहीं घुसने दिया जा रहा था। मैं थाना गई पुलिस से मदद मांगी। मेरे साथ ऐसी साजिश घर वालों की तरफ होगी, कभी सोचा भी नहीं था। मेरा सगा भाई लडुआ मेरे केस के आरोपित पूर्व विधायक गुलाब यादव के संपर्क में है। महिला एडवोकेट ने दावा किया कि इसका उनके पास प्रमाण एक ऑडियो क्लिप है। इस ऑडियो क्लिप में एक भाई अपने बारे में बारे में क्या सोचता है। इसका साफ खुलासा हो रहा है। महिला एडवोकेट का आरोप है कि मेरा भाई लडुआ गुलाब यादव को फोन किया है, गुलाब यादव को बताया कि मैं हिसाब मांगने आ रही हूं। हमको नहीं देना संपत्ति में हिस्सा, जो करना होगा कर लेगी। भाई मेरी हत्या करवा सकता है महिला एडवोकेट का आरोप है कि जितने लोगों से मेरी लड़ाई चल रही है, मेरा भाई उन्हीं लोगों से दोस्ती कर मुझे ठिकाने लगाने का प्लान कर रहा है। मैं अपने पैर पर खड़ी हूं, अपने हक के लिए लड़ रही हूं, तो मैं एक खराब महिला हूं। मेरे सगे भाई ने आरोप लगाया है कि मैं ऑटो वाले के साथ जाती हूं, तो ऑटो वाले के साथ सो जाती हूं। मेरा ड्राइवर है तो मैं उसके साथ सो जाती हूं। ऐडवोकेट मेरे पापा ने इसलिए बनाया है। ये घिनौनी सोच है मेरे प्रति मेरे भाई की। महिला का आरोप है कि उसके भाई लोग मेरे जितने भी दुश्मन हैं, उनसे दोस्ती कर मुझे ठिकाने लगाने की कोशिश में हैं। अब महिला एडवोकेट पर घर वालों का आरोप जानिए चर्चित IAS संजीव हंस और गुलाब यादव पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला पर चोरी का आरोप लगा है। यह आरोप कोई और नहीं बल्कि उसकी मां और भाई ने ही लगाया है। उसके खिलाफ स्थानीय जम्होर थाने में मां राजमणि देवी के आवेदन पर FIR दर्ज कराई गई है, जिसमें उस पर लगभग 20 लाख रुपए के गहने चोरी कर लेने का आरोप लगाया गया है। गुरुवार को वह औरंगाबाद स्थित अपने मायके पहुंची और परिजनों पर उसके घर में रखा सामान गायब करने का आरोप लगाया। मां-बेटी भी आमने-सामने संजीव हंस और गुलाब यादव पर आरोप लगाने वाली महिला एडवोकेट गायत्री कुमारी और उनकी मां अब आमने-सामने हैं। दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। एक दूसरे पर लग रहे गंभीर आरोपों को लेकर भास्कर रिपोर्टर ने संबंधित मुद्दे पर मां और बेटी दोनों को बात की है। पहले मां का पक्ष मां बोली- संजीव हंस की तरह जेल की धमकी देती है महिला के आरोपों को सुनने के बाद भास्कर की टीम पीड़िता की से संपर्क कर उनका पक्ष भी जानने की कोशिश की। पीड़ित महिला एडवोकेट की मां ने कहा ‘जब पिछली बार आई थी तो आभूषण और नगदी चोरी कर ले गई थी। लगभग 25 लाख का सोने का गहना ले गई थी। इसके अलावा मेरे अकाउंट में रुपए थे, वह भी निकाल ले गई। इसके बाद मैंने उसके खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। संजीव हंस के बारे में पूछने पर उसने बताया कि, वह बार-बार बोलती है कि संजीव हंस के जैसे तुम्हें भी जेल में सड़ाऊंगी। लेकिन संजीव कौन है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। संपत्ति में हिस्सा के बारे में पूछने पर मां ने बताया कि कोर्ट में मामला चल रहा है। वह खुद वकील है, केस लड़कर हिस्सा ले ले। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन मेरी जो संपत्ति ली, वो मुझे लौटा दे। सामान गायब करने के आरोप लगाने को लेकर सवाल पूछने पर मां ने कहा कि कोई मां अपने बाल-बच्चों का सामान चुराती है क्या? आपके भी मां पिता होंगे। बेटी का पक्ष मेरी मां भी मुझे बदनाम करने में लगी है महिला एडवोकेट बोली – मुझे यह बात बहुत खराब लगी। उस रात को बगल में मुकेश नाम का पड़ोसी के यहां रूकी। क्योंकि जब मैंने 112 को कॉल लगाया तो फोन नहीं लगा। उसने कहा दीदी अब कहां जाइएगा रात में, यहीं रुक जाइए। तो मैं मुकेश के घर में किसी तरह रात गुजारी। फिर मैंने सुबह 112 बुलाया। 3 अक्टूबर को 112 आयी और हम सारा सामान लेकर चले गए। महिला ने आगे बताया कि एक सामान हमारा छूट गया था, हम बाद में आकर उस समान को लेकर गई। तो मां बोलती है कि मैं आई, उसे मारी, उसका गहना चुराई, फिर मुकेश ऑटो वाले के घर में रखी। इनका नाम भी एफआईआर में डाली है। ये सारा साजिश सिर्फ इसलिए कि मुझे बदनाम कर देगी तो मैं कटेयां गांव आना छोड़ दूंगी। इतनी बड़ी कॉन्सपिरेसी ये लोग रच रहे हैं। एक लड़की को उसके अधिकार से हटाने के लिए। यह मेरा लीगल राइट है। फंडामेंटल राइट हैं। मैं बिल्कुल अपना हिस्सा लेकर रहूंगी। भाई से विवाद की वजह बनी पैतृक संपत्ति महिला एडवोकेट गायत्री कुमारी का कहना है कि यह मेरा पैतृक गांव है। मेरे भाई ने मुझे एक बार फोन कर बोला कि तुम गांव मत आना कभी। तो मैंने बोला क्यों? गांव तुमने खरीदा है या वो प्रॉपर्टी तुम्हारी बनाई हुई है, तो हम नहीं आएंगे। लेकिन वो प्रॉपर्टी मेरे बाप-दादा की है और मेरे पापा ने मुझे पढ़ाया लिखाया। कभी बेटा और बेटी में कभी फर्क नहीं सिखाया। मुझे वकील बनाया, इसलिए नहीं ये कोई मेरा शोषण करे, कोई मुझे गलत तरीके से टोके और मैं मान जाऊं। संपत्ति में मेरा हिस्सा है तो मैं अपना हिस्सा लेने आउंगी। तुम लोग मेरे से बात मत करना, बात नहीं करने से कोई किसी का हिस्सा थोड़ी छीन लेगा। महिला एडवोकेट ने कहा कि, अब मैं 3 अक्टूबर को यहां आई थी। मम्मी से बोली कि मेरा हिस्सा निकाल दो। तो मम्मी उल्टा सीधा बोलने लगी कि मैं खुद को आग लगा लूंगी और बेटा आएगा तो बोल दूंगी कि मुझे आग लगाकर चली गई है। वो लोग तुम पर मर्डर का केस कर देंगे, तो तुमको हिस्सा नहीं मिलेगा, तुम जेल जाओगी। बेटे को हिस्सा मिलता है और बेटी को नहीं मिलता और बेटी चुप रहेगी। मैं तो चुप नहीं रहूंगी। मेरे पिता ने वकील इसलिए नहीं बनाया मुझे की मैं सिर्फ दूसरों के अधिकारों के लिए लडूं। एडवोकेट बोली- संपत्ति में हिंसा मांग रही तो मेरे दुश्मनों से मिल रहे महिला एडवोकेट ने मायके वालों पर आरोप लगाते हुए भास्कर से बातचीत में बोली – ‘मैं अपने संपत्ति में हिंसा मांग रही हूं, तो मुझे बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरे ऊपर झूठा केस कर दिया जा रहा है। मेरा ही सामान घर से चुरा कर मेरे ऊपर ही चोरी का आरोप लगाया जा रहा है। मेरा डॉक्यूमेंट, मेरा गहना, मेरा कपड़ा, बैग गायब किया है। अब पूछ रही हूं तो कह रही है कि हम नहीं जानते हैं। इसका दोनों बेटा आया है और सभी समान लेकर गया। ये किसी का नाम ही नहीं बता रही है।’ संपत्ति में हिस्सा मांगा तो चोरी का केस करा दिया मायके वालों के चोरी के आरोप को लेकर सवाल पर महिला एडवोकेट ने कहा कि, ‘आरोप नहीं, बाकायदा FIR दर्ज कराया है। 3 अक्टूबर को मैं 112 बुलाई थी और 5 अक्टूबर को ये लोग मेरे ऊपर चोरी का केस किए हैं। मान लीजिये मैं घर गई, मोबाइल छूट जाता वहां और अगर मैं दुबारा लेने जाती तो ये पूरा गांव को सामने बुलाकर कहती कि बेटी आई है, हमको मारी है, हमारा गहना चुरा के चली गयी है।’ 2 करोड़ का हिसाब दें, नहीं तो आईटी का छापा डलवाऊंगी महिला एडवोकेट बोली- पिछले बार तो 2 करोड़ की चोरी का आरोप लगा था, अभी पता नहीं 10 करोड़ का आरोप लगा दे। अभी 2 करोड़ ये कहां से मार लाए हैं, पहले तो इनकम टैक्स में जा कर ये दिखाएं। नहीं तो इनके यहां हम ईडी का छापा बैठाते हैं। महिला एडवोकेट का आरोप है कि उसके भाई उसे पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं देना चाहते हैं, जबकि ये उसका कानूनी अधिकार है। फिलहाल, मामला कोर्ट में चल रहा है। उसने बताया कि पिछली बार भी जब वह अपने घर पहुंची थी तो उसके भाइयों ने उसे घर में रहने से मना कर दिया था। इसके बाद वह अपने पड़ोसियों के घर पर रुकी थी। उसके जाने के बाद उसकी मां ने उस पर झूठा FIR कर दिया। इतना ही नहीं वह जिसके घर पर रुकी थी, घर वालों ने उसे भी आरोपी बना दिया।
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