मेरठ में AIMIM नेताओं की गिरफ्तारी का मामला अब और गहरा गया है। कथित भड़काऊ भाषण के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलने के बावजूद पार्टी ने सीधे हाईकोर्ट तक जाने का ऐलान कर दिया है। AIMIM का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। पुलिस ने यह कार्रवाई लोहियानगर थाना क्षेत्र के हाजीपुर स्थित लवबैक फार्म हाउस में आयोजित ईद मिलन समारोह से जुड़ी कथित घटनाओं को लेकर की। पुलिस के अनुसार, सोमवार को बिना अनुमति आयोजित इस कार्यक्रम में कुछ ऐसे भाषण दिए गए, जिनसे समुदायों में तनाव फैलने की आशंका थी। वीडियो वायरल होने के बाद AIMIM के कई नेताओं को नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। AIMIM के जिला अध्यक्ष एडवोकेट फहीम राजा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की लिखित सूचना पहले ही थाना पुलिस को भेज दी गई थी, लेकिन फिर भी बिना अनुमति का आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 45 मिनट के वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने कोई भड़काऊ बयान नहीं दिया। इस मामले में पश्चिमी यूपी अध्यक्ष मेहताब चौहान, महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी और महानगर सचिव रजी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। फहीम राजा ने कहा कि केवल उनकी पार्टी को निशाना बनाया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी बिना अनुमति ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने अब पूरे मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है और न्याय मिलने का भरोसा जताया है। इस घटनाक्रम ने मेरठ की सियासत को गरमा दिया है, जहां पुलिस कार्रवाई को उचित ठहरा रही है और AIMIM इसे राजनीतिक उत्पीड़न करार दे रही है।

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