मेरठ जनपद में पेंशन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी मृत मां को कागजों में जिंदा दिखाकर करीब 44 लाख रुपये की पेंशन निकाल ली गई। संदेह होने पर बैंक ने जांच की तब बेटे की हकीकत सामने आई। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने दौराला थाने में लिखित शिकायत देते हुए महिला के बेटे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 2018 में हो चुकी थी महिला की मौत इंस्पेक्टर दौराला सुमन कुमार सिंह के मुताबिक, मामला क्षेत्र के सकौती टांडा स्थित एसबीआई शाखा से जुड़ा है। बैक मैनेजर नीरज कुमार ने शाहपुर जहीर गांव निवासी प्रेम सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने समेत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। लिखित शिकायत में शाखा प्रबंधक ने बताया कि विगत 2018 को प्रेम सिंह की मां शांतिदेवी की मृत्यु हो चुकी थी। बावजूद इसके उनके खाते से लगातार पेंशन की रकम निकाली जाती रही। बेटे पर फर्जीवाड़े का आरोप बैक मैनेजर का आरोप है कि मृतका के बेटे प्रेम सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मां शांति देवी का फर्जी जीवित प्रमाण पत्र तैयार कर लिया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एटीएम और यूपीआई के जरिए सात वर्षों तक लगातार पैसे निकाले गए। इस दौरान कुल 44. 38 लाख की रकम हड़प ली गई। एसडीएम के पत्र से खुला मामला घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब सरधना एसडीएम के पत्र के माध्यम से बैंक को शांति देवी की मृत्यु की जानकारी मिली। इसके बाद बैंक ने इंटरर्नल जांच शुरू की, जिसमें पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। सिस्टम पर उठे सवाल इंस्पेक्टर ने बताया कि बैंक प्रंबधक की तहरीर पर प्रेम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच हो रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। हालांकि, इस घटना ने पेंशन वितरण प्रणाली और बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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