मेरठ में अपराध शाखा ने करोड़ों रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। यह खुलासा एसएसपी के आदेश पर गंगानगर थाने में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान हुआ। जांच में पता चला कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्मों का जाल बिछाकर सरकार को बड़े राजस्व का नुकसान पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की प्रताप विहार कॉलोनी निवासी आरोपी प्रमोद कुमार ने अपने साथी सर्वांग जैन और अन्य के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाईं। इन फर्मों के माध्यम से फर्जी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया जाता था और पैसा अपने खातों में स्थानांतरित कर लिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क के जरिए लगभग 3 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा हुआ है। हालांकि, जांच में यह राशि और अधिक होने की संभावना है। जीएसटी विभाग द्वारा कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया था। आरोपियों ने फर्जी आधार और पैन कार्ड का उपयोग करके कंपनियां बनाईं। उन्होंने गलत HSN कोड का इस्तेमाल किया, ई-वे बिल में हेरफेर की और कागजी लेन-देन के माध्यम से ‘सर्कुलर ट्रेडिंग’ कर टैक्स प्रणाली को धोखा दिया। अपराध शाखा की टीम ने आरोपी प्रमोद कुमार को 31 मार्च 2026 को सरस्वती लोक कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में निरीक्षक कुलदीप सिंह, निरीक्षक उत्तम सिंह राठौर, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह और उपनिरीक्षक प्रियाशु की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

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