विकास भवन सभागार, मेरठ में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘निपुण विद्यालय सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। यह समारोह निपुण भारत मिशन के अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें जिले के 164 विद्यालयों को ‘निपुण’ घोषित कर उनके शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ।जनवरी माह में जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शासन के निर्देशानुसार निपुण आकलन परीक्षा (निपुण टेस्ट) आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कक्षा-1 और कक्षा-2 के अधिकतम 12-12 विद्यार्थियों का ‘निपुण प्लस ऐप’ के माध्यम से ऑनलाइन मूल्यांकन विभिन्न दक्षताओं के आधार पर किया गया। इस गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद कुल 164 विद्यालयों ने ‘निपुण विद्यालय’ का दर्जा प्राप्त किया।
समारोह में निपुण घोषित सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी अध्यापकों को मुख्य विकास अधिकारी नुपूर गोयल तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक स्तर पर कार्यरत एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) को भी विद्यालयों को निपुण बनाने में उनके उत्कृष्ट शैक्षिक सहयोग और मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने शिक्षकों के समर्पण और परिश्रम की सराहना की। उन्होंने निपुण विद्यालय बनने पर सभी को हार्दिक बधाई देते हुए आगामी सत्र में इस संख्या को और अधिक बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी नुपूर गोयल ने शिक्षकों को शिक्षा की आधारशिला बताया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने नवीन शैक्षिक सत्र में विद्यालयों में नामांकन वृद्धि पर विशेष बल देने तथा शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसआरजी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं नवीन सत्र की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे शिक्षकों को भावी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित शिक्षकों के लिए आयोजित जलपान के साथ हुआ, जहाँ शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

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