मेरठ में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासतौर पर सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई किसानों की कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी है, जो बारिश में भीगकर खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम साफ होने के बाद तापमान बढ़ा तो सरसों झड़कर पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। किसान अरविंद कुमार ने बताया कि कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल अब लगभग खत्म हो चुकी है और नुकसान की भरपाई मुश्किल लग रही है।
तेज हवा से गिरी गेहूं की फसल, उत्पादन पर असर
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। कई खेतों में फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि जिन इलाकों में हवा की रफ्तार कम रही, वहां नुकसान अपेक्षाकृत कम है। लेकिन सरसों की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गन्ने की फसल सुरक्षित, लेकिन बुआई पर पड़ा असर
हालांकि राहत की बात यह है कि गन्ने की खड़ी फसल पर इस बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन फाल्गुन में होने वाली गन्ने की बुआई प्रभावित हो गई है। जिन किसानों ने खेत तैयार कर लिए थे, उन्हें अब दोबारा खेत तैयार करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा और बुआई में देरी से उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। सरकार से मुआवजे की मांग, मौसम साफ होने की उम्मीद
बारिश से हुए नुकसान के बाद किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार मौसम की मार से खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। फिलहाल किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि नुकसान का आकलन कर आगे की रणनीति तय की जा सके।

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