मेरठ में पराविधिक स्वयंसेवकों का ‘संवर्धन’ प्रशिक्षण:जिला न्यायाधीश के निर्देशन में 158 स्वयंसेवकों ने लिया भाग
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मेरठ में पराविधिक स्वयंसेवकों का ‘संवर्धन’ प्रशिक्षण:जिला न्यायाधीश के निर्देशन में 158 स्वयंसेवकों ने लिया भाग
मेरठ में पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) के लिए “संवर्धन” प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जनपद न्यायाधीश, मेरठ के मार्गदर्शन में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण में मेरठ से 21, मुरादाबाद से 55, अमरोहा से 21, रामपुर से 38 और संभल से 23 सहित कुल 158 पराविधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान, मेरठ, मुरादाबाद और अमरोहा के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण से संबंधित योजनाओं पर जानकारी दी। स्वयंसेवकों को संविधान के अनुच्छेद 23, 24, 29 (2), शिक्षा का अधिकार अधिनियम, गार्जियन वार्ड्स एक्ट और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक एक्ट के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, एस.सी./एस.टी. क्षतिपूर्ति योजना, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना और दिव्यांगजन से संबंधित योजनाओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेश राय और दिव्यांगजन अधिकारी सिद्धांत शर्मा ने दिया। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो)/अपर सत्र न्यायाधीश बाबर मो. बाबर खान ने बच्चों से संबंधित पोक्सो एक्ट और पोश एक्ट पर जानकारी दी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर सुदेशना ने महिलाओं से संबंधित संरक्षण अधिनियमों, जैसे वुमन ट्रैफिकिंग और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 पर स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम का समापन जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने किया। उन्होंने मेरठ से महेश कुमार और कु. शिल्पी, रामपुर से जितेंद्र कुमार और संदीप कुमार, तथा अमरोहा से दो सर्वश्रेष्ठ पराविधिक स्वयंसेवकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
