मेरठ में देसी शराब पीने से 3 की मौत:आबकारी विभाग ने शराब के सैंपल को लैब भेजा, ठेका सील; गांव में पुलिस फोर्स तैनात
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मेरठ में देसी शराब पीने से 3 की मौत:आबकारी विभाग ने शराब के सैंपल को लैब भेजा, ठेका सील; गांव में पुलिस फोर्स तैनात
मेरठ में देसी शराब पीने के बाद जितेंद्र कश्यप, बाबूराम प्रजापति और अंकित की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का गांव में डेरा है। शनिवार सुबह तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया। तीन मौतों के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दुकान से ली गई शराब पीने के बाद ही तीनों की मौत हुई है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। वहीं आबकारी विभाग ने संबंधित ठेके को सील कर दिया है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। तीन तस्वीरें देखें… डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें विस्तृत जांच कर रही हैं। मृतकों के बिसरा और शराब के नमूनों की जांच की जा रही है। प्रशासन का प्रारंभिक दावा है कि मौत शराब से नहीं बल्कि किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। सभी ब्रांडों की शराब और उनके क्यूआर कोड की भी जांच की जा रही है, विशेष रूप से ‘परिकला’ ब्रांड पर ध्यान दिया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया- ‘बंटी जीरा मसाला’ ब्रांड की शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। शराब के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। पहले एक नजर पूरी वारदात पर
दौराला के सांईपुरी गली नंबर 2 में बाबूराम प्रजापति भराला वालों का रिया स्पेलर व आटा चक्की है। शुक्रवार शाम इसी क्षेत्र का रहने वाला अंकित देशी शराब का टेट्रा पैक लेकर यहां पहुंचा। दुकान पर बाबूराम के अलावा उनका कर्मचारी जितेंद्र कश्यप भी मौजूद था। बताया जाता है कि तीनों ने उस शराब को पिया, जिसके कुछ मिनट बाद ही उनकी तबियत खराब होने लगी। परिवार के लोग तीनों को उठाकर अस्पताल ले आये, जहां तीनों की मौत हो गई। परिजनों का अस्पताल में हंगामा
तीन मौतों से गांव में कोहराम मच गया। आक्रोशित भीड़ अस्पताल पहुंच गई और शराब की दुकान पर मिलावटी शराब बेचने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर डीएम डा. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार अपनी टीमों के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को संभाला। रात में ही तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिये गये। पैनल के माध्यम से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया। सात साल से नौकरी कर रहा था जितेंद्र
बाबूराम प्रजापति के स्पेलर पर जितेंद्र पिछले सात साल से काम कर रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी एक साथ उन्हें शराब पीते नहीं देखा। हालांकि कुछ लोग दबी जुबान में इस बात को नकार भी रहे हैं। जितेंद्र अपने पीछे चार बच्चों दिनेश, शिवम्, प्रियांशु, टीनू को छोड़कर गया है। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। आबकारी व अन्य टीमों की जांच जारी
शराब से तीन मौतों के शोर के बाद प्रशासन में खलबली मची है। डीएम डा. वीके सिंह खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस की चार टीमों के अलावा आबकारी की टीमें भी जांच में जुटी हैं। सुबह दिन निकलने के बाद यह टीमें दोबारा गांव में पहुंच गईं। फिलहाल उनके द्वारा जांच कराई जा रही है। आज ही शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। बिसरा भी जांच को भेजा जाएगा। एसएसपी बोले- प्रकरण जहरीली शराब का नहीं
दौराला में तीन लोगों की मौत के बाद आबकारी विभाग की तरफ से शराब के नमूने जांच के लिए उठाए गए थे। यह नमूने क्षेत्रीय आबकारी प्रयोगशाला में भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट शनिवार शाम प्रशासन के पास पहुंच गई। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया क्षेत्रीय आबकारी प्रयोगशाला के सहायक अल्कोहल टेक्नोलॉजिस्ट की परीक्षण रिपोर्ट में मेथेनॉल तथा क्लोरल हाइड्रेट नेगेटिव आया है। इससे स्पष्ट है कि प्रकरण जहरीली शराब का नहीं है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
