मेरठ में नगर निगम ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त अभियान तेज कर दिया है। रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्य करते हुए निगम की टीम ने एक गोदाम, 12 दुकानों और चार भवनों को सील कर दिया। यह कार्रवाई उन संपत्ति स्वामियों पर की गई, जिन पर 50 हजार रुपये से अधिक का गृहकर बकाया था।
शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा जोन में चले इस अभियान के दौरान प्रवर्तन दल ने सख्ती दिखाते हुए कई बड़े बकायेदारों को निशाने पर लिया। दिनभर चली कार्रवाई में निगम ने करीब 60 लाख रुपये की वसूली भी सुनिश्चित की। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम और कर अधीक्षक अतुल कुमार के नेतृत्व में टीम ने वार्ड-28, दिल्ली रोड स्थित रिठानी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। यहां राहुल चौधरी की छह दुकानों, विद्यासागर के एक गोदाम और दो अन्य भवनों को सील किया गया। दुकानों को सील करने के दौरान मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी। दुकान मालिक के परिजनों और प्रवर्तन दल के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती बरतते हुए कार्रवाई जारी रखी। निगम अधिकारियों ने साफ कहा कि गृहकर न जमा करने वालों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। नगर निगम लगातार शहरभर में बकायेदारों के खिलाफ रोजाना अभियान चला रहा है। निगम की टीमें अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर संपत्तियों को चिन्हित कर सीलिंग की कार्रवाई कर रही हैं।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि महानगर में करीब एक लाख भवन स्वामियों पर गृहकर बकाया है। लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में मुनादी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2026 तक गृहकर जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद बड़े स्तर पर सीलिंग और कुर्की अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में बकायेदारों के पास टैक्स जमा करने का यह अंतिम मौका है।

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