मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन सभागार में आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन फीडबैक के आधार पर किया जाएगा। बैठक में अनुपस्थित विभागीय नोडल अधिकारियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिन विभागों की शिकायतों पर 100 प्रतिशत असंतुष्टि मिली है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि 50 प्रतिशत तक असंतोषजनक फीडबैक वाले विभागों को चेतावनी जारी की गई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखें, ताकि प्रत्येक शिकायत का समाधान संतोषजनक ढंग से हो सके। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया, नगर मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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