मेरठ में एक बड़े अवैध VOIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) टेलीकॉम नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। एटीएस और मेरठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह VOIP तकनीक का उपयोग करके विदेशी कॉलों को स्थानीय कॉलों में बदल देता था। इससे भारत सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। आरोपी पाकिस्तान सहित अन्य देशों में कॉल कराते थे और कॉल की वास्तविक पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करते थे, जिससे सरकारी एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।
एटीएस यूनिट और मेरठ की स्वॉट टीम ने मुखबिर की सूचना पर लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान फरदीन (जाकिर कॉलोनी), नाजिम उर्फ फुरकान (हुमायूं नगर, थाना लोहिया नगर), फहीम (समर गार्डन), सुल्तान, शादाब और रईस (श्याम नगर, थाना लिसाड़ी गेट) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में टेलीकॉम उपकरण, सिम कार्ड, राउटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं, जिनका उपयोग अवैध एक्सचेंज चलाने में किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर सिम कार्ड हासिल करते थे। इन सिम कार्डों को VOIP GSM गेटवे मशीनों में लगाकर अवैध कॉलिंग की जाती थी। इस प्रक्रिया से विदेशी कॉल स्थानीय कॉल में बदल जाती थी, जिससे कॉल की लोकेशन और पहचान छिप जाती थी और जांच एजेंसियों को उन्हें ट्रैक करने में कठिनाई होती थी।

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