मेरठ में कथित भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तार AIMIM के तीन पदाधिकारियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला लोहियानगर थाना क्षेत्र में ईद मिलन समारोह के दौरान सामने आया था। पुलिस के अनुसार, हापुड़ रोड पर आयोजित कार्यक्रम में AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने मंच से कथित तौर पर विवादित बयान दिए थे। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने जिलाध्यक्ष फहीम राजा, महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी और महानगर सचिव रज़ा सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपियों को नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जमानत मिलने के बाद महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी और अन्य पदाधिकारियों ने वायरल वीडियो को अधूरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कानूनी टीम मामले की समीक्षा कर रही है और आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय की जाएगी। इस बीच, प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरी जांच के उनके और उनकी पार्टी के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। शौकत अली ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उनके बयान को पूरा सुने बिना ही निष्कर्ष निकाल लिया गया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण की सामग्री भड़काऊ थी, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका थी। इसके अलावा, यह कार्यक्रम बिना अनुमति के आयोजित किया गया था, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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