सोमवार को मेरठ की चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय की कुलपति को संबोधित ज्ञापन प्रबंधन को सौंपते हुए कई अहम मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
छात्रों का सबसे बड़ा विरोध विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर है। छात्रों का कहना है कि इस निर्णय का विरोध न केवल छात्र-छात्राएं बल्कि शिक्षक भी कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि कॉपियों का मूल्यांकन केवल शिक्षकों द्वारा ही कराया जाए। इसके अलावा छात्रों ने सेमेस्टर परीक्षाओं के समय को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि आमतौर पर परीक्षाएं दिसंबर और जून में आयोजित होती हैं, लेकिन इस बार बिना कोर्स पूरा कराए और पर्याप्त कक्षाएं संचालित किए अप्रैल में ही परीक्षाएं कराई जा रही हैं। ऐसे में छात्र समय से पहले परीक्षा देने में असमर्थ हैं। उन्होंने मांग की है कि परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय यानी जून में ही कराई जाएं।
छात्र नेता अक्षय बैंसला ने परिसर में होने वाली इंटर हॉस्टल प्रतियोगिताओं के निरस्त होने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि अब तक कोई नया कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, जिससे छात्रों की सह-शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने जल्द प्रतियोगिताओं का शेड्यूल जारी करने और यूथ फेस्ट आयोजित कराने की मांग की है। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए नए जलपान गृह को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह के सामने जलपान गृह का निर्माण और उद्घाटन होने के बावजूद इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। छात्रों ने इसे तत्काल चालू कराने की मांग की है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर समाधान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता अक्षय बैंसला, पवनीश यादव, लक्की लोईया, आलोक बैंसला, शेखर चौधरी, अवकाश ठाकुर, रितिक जाटव, शुभम भड़ाना, शान मोहम्मद आदि छात्र मौजूद रहें

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