शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक ही बेड पर शव और एक मरीज साथ में दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। तुरंत इलाज देने के लिए उसे सामने दिख रहे बेड पर लिटा दिया गया था। लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। गंभीर हालत में मरीज को लाया गया था राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुराने ट्रॉमा सेंटर को बंद कर नई बिल्डिंग के पास ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था की गई है। यहां आने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है और कई बेड उपलब्ध हैं। मंगलवार को लखीमपुर का एक मरीज गंभीर हालत में लाया गया था। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए स्टाफ ने तत्काल इलाज देने के लिए एक बेड पर
जगह बनाई और उसे लिटाया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जिस बेड पर मरीज को लिटाया गया, उस पर पहले से एक बुजुर्ग मरीज मौजूद था। सीसीटीवी चेक किए जा रहे
14 सेकंड के इस वीडियो में बेड के एक किनारे पर शव रखा दिख रहा है और दूसरी जगह पर एक मरीज बैठा है। डॉक्टर ने मरीज को देखने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। इसी बीच किसी ने एक ही बेड पर शव और मरीज को देखकर वीडियो बना लिया। ट्रामा सेंटर में लगे सीसीटीवी चेक किए जा रहे हैं। ताकि वीडियो बनाने वाले का पता लगाया जा सके। प्रिंसिपल बोले- आरोप गलत हैं
राजकीय मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि मृत अवस्था में एक व्यक्ति को परिजन लेकर आए थे। उसको इलाज देने के लिए तत्काल एक बेड पर जगह बनाकर लिटाया गया था। जांच करने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। एक बेड पर शव और मरीज को लिटाने का आरोप गलत है।

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