कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के बीच ट्रैक बिछाने का काम मंगलवार को पूरी तरह संपन्न हो गया। कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैम्प के बीच करीब 3 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल की ‘डाउनलाइन’ पर भी पटरियां बिछा दी गई हैं। इसके साथ ही अब आईआईटी से लेकर नौबस्ता तक का पूरा रास्ता ट्रेन के संचालन के लिए तैयार है। अब दोनों लाइनों पर सरपट दौड़ेगी मेट्रो मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच लगभग 8 किलोमीटर का हिस्सा बचा हुआ था। इसमें बारादेवी से नौबस्ता तक का एलिवेटेड ट्रैक पिछले साल अक्टूबर में ही तैयार हो गया था। अब अंडरग्राउंड सेक्शन में भी ‘अप-लाइन’ के बाद ‘डाउनलाइन’ का काम पूरा होने से दोनों तरफ की पटरियां जुड़ गई हैं। आने वाले कुछ ही दिनों में इस ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन (ट्रायल) शुरू करने की तैयारी है, ताकि जल्द से जल्द यात्री सेवाएं शुरू की जा सकें। अंडरग्राउंड टनल में ऐसे बिछाई गई पटरियां सुरंग के अंदर ट्रैक निर्माण का काम काफी चुनौतीपूर्ण था। स्वदेशी कॉटन मिल के पास बने रैम्प से भारी-भरकम पटरियों और वेल्डिंग मशीनों को टनल के अंदर उतारा गया। इसके बाद पटरियों को आपस में जोड़ने के लिए फ्लैश बट वेल्डिंग की गई और कंक्रीट के स्लैब ढालकर उन्हें मजबूती दी गई। पटरियों के साथ ही बिजली सप्लाई के लिए ‘थर्ड रेल’ लगाने का काम भी अंतिम दौर में है। सिग्नलिंग और टेलिकॉम सिस्टम फिट होते ही यहां ट्रायल शुरू हो जाएगा। नौबस्ता तक पहुंचने का रास्ता हुआ साफ वर्तमान में कानपुर में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक यानी लगभग 16 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो चल रही है। अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हुए 8.60 किलोमीटर के हिस्से पर काम खत्म होने से कॉरिडोर-1 अपनी पूरी लंबाई (24 किमी) में तैयार हो गया है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि यह एक बड़ी उपलब्धि है। ‘अप-लाइन’ पर टेस्टिंग पहले से चल रही है, अब ‘डाउनलाइन’ पर भी इसे शुरू किया जाएगा।

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