मुजफ्फरपुर में यूजीसी (UGC) बिल के समर्थन में ‘बहुजन एकता मूलनिवासी फोरम’ के बैनर तले एक विशाल प्रदर्शन किया गया। जिले के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों लोग शहर के कंपनी बाग स्थित खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर एकत्र हुए, जहां से केंद्र सरकार की नीतियों और यूजीसी नियमों के पक्ष में जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कंपनी बाग से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सरैयागंज टावर चौक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के कारण सड़कों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। जुलूस एक सभा में बदला टावर चौक पर प्रदर्शन के बाद जुलूस जिला समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर स्थित धरना स्थल पर पहुंचा। यहां यह जुलूस एक सभा में बदल गया, जिसमें वक्ताओं ने शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन के समापन पर, एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें केंद्र सरकार से यूजीसी बिल को तत्काल और प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। प्रदर्शन में शामिल रेणु सहनी ने मीडिया से बातचीत में वर्तमान व्यवस्था की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का काम करने का तरीका अंग्रेजी शासन के दमनकारी दौर से कम नहीं है। सहनी ने जोर देकर कहा कि यूजीसी के नियमों को हर हाल में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोर्ट की ओर से इस पर रोक लगाने से गरीब छात्रों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कॉलेजों में छोटे से छोटे काम के लिए भी उन्हें भारी परेशानियों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान रेणु सहनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक बयान भी दिया। उन्होंने कहा, “हम आम आवाम की यह स्पष्ट मांग है कि यूजीसी बिल लागू हो। जिसे भी इस बिल से बहुत ज्यादा दिक्कत है, वे पाकिस्तान चले जाएं।” इस प्रदर्शन ने जिले में शिक्षा के अधिकारों और यूजीसी बिल को लेकर चल रही बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। ‘बहुजन एकता मूलनिवासी फोरम’ के सदस्यों का कहना है कि यह लड़ाई गरीब और वंचित छात्रों के हक की है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना लोकतांत्रिक विरोध जारी रखेंगे।
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