मुजफ्फरनगर में लगातार तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आया है। शनिवार सुबह ग्रामीण इलाकों में ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हुई और आवागमन प्रभावित हुआ। तेज हवाओं और बारिश से गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई खेतों में गेहूं की फसलें गिर गई हैं, जिससे पैदावार घटने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, खेतों में पानी भर जाने से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसान चिंतित हैं। बारिश का असर ईंट भट्टों पर भी देखा गया। शुक्रवार को हुई बारिश से पथेर में बनाई गई और स्टॉक में रखी कच्ची ईंटें बर्बाद हो गईं। भट्टों में पकाई जा रही ईंटें भी प्रभावित हुई हैं। ईंट भट्टा मजदूरों के अनुसार, इस बारिश से ईंट उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गर्मी के मौसम में अचानक ठंड महसूस होने लगी, जिससे लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़े। बारिश से बचने के लिए दोपहिया वाहन चालक दुकानों और छतरियों के नीचे शरण लेते दिखे। इस दौरान हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार होकर 74 पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कई स्थानों पर जलभराव देखा गया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।

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