मुजफ्फरनगर में फर्जी और अवैध अस्पतालों के खिलाफ पिछले तीन महीनों से चल रहा अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। हिंदू संघर्ष समिति द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के डॉक्टरों का भी समर्थन मिल गया है। यह अभियान रुड़की रोड पर एक कथित फर्जी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद तेज हुआ है। इस घटना के बाद जिले के कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डॉक्टरों का आरोप है कि ये अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और चिकित्सा व्यवस्था को बदनाम कर रहे हैं। महावीर चौक के पास एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉक्टरों और समिति ने संयुक्त रूप से उन अस्पतालों की सूची जारी की, जहां मानकों की अनदेखी और फर्जी सर्जरी की आशंका जताई गई है। IAP के सचिव डॉ. अभिषेक यादव और डॉ. आशीष बालियान ने नवजात की मौत को फर्जी डॉक्टरों की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने इस घटना को गंभीर करार दिया। IMA के सचिव डॉ. अभिषेक गौड़ ने आरोप लगाया कि कई अस्पतालों में योग्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति में सर्जरी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कई मामलों में डॉक्टर ऑपरेशन के बाद उपलब्ध नहीं होते। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि चिन्हित अस्पतालों पर स्थायी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रेस वार्ता में रुड़की रोड, नगर क्षेत्र, बुढ़ाना, शाहपुर, जानसठ और अन्य कस्बों के कई अस्पतालों को संदेह के दायरे में बताया गया है, जहां कथित तौर पर मानकों का उल्लंघन हो रहा है। इस मौके पर डॉ. अभिषेक गौड़, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. विकास पवार, डॉ. अनिल कुमार, अमित गुप्ता और अरुण प्रताप सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। फिलहाल, इस पूरे मामले में अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं कि इन आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है।

Leave a Reply