मुजफ्फरनगर में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (फेज-2) का शुभारंभ मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में हुआ। इस अभियान का उद्देश्य जनपद को टीबी मुक्त बनाना है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अध्यक्षता की। अभियान के तहत 25 टीबी मरीजों को गोद लिया गया और उन्हें पोषण पोटली वितरित की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के सामूहिक सहयोग से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित की गईं 38 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को भी सम्मानित किया गया। इनमें 25 ब्रॉन्ज, 10 सिल्वर और 3 गोल्ड कैटेगरी की पंचायतें शामिल थीं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे कम से कम एक टीबी मरीज को गोद लें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने जानकारी दी कि सरकार टीबी मरीजों को इलाज के दौरान पोषण सहायता के रूप में 6 हजार रुपये दो किश्तों में प्रदान करती है। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध लोगों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और विभिन्न संस्थाओं से ‘निक्षय मित्र’ बनने का आग्रह किया, ताकि मरीजों को अतिरिक्त पोषण और सहायता मिल सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान 24 मार्च, विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर देशभर में शुरू किया गया है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान के लिए साई दान फाउंडेशन, डॉ. मुकेश जैन और डॉ. एम.एल. गर्ग को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, सचिव, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने टीबी मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

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