मुजफ्फरनगर के जौली रोड पर स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र से जौली की ओर जाने वाली एक विद्युत लाइन लंबे समय से निष्क्रिय है। यह लाइन अत्यधिक जर्जर अवस्था में है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह विद्युत लाइन कई वर्षों से बंद पड़ी है। आरोप है कि विद्युत विभाग ने इसके रखरखाव या मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया है। क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट चुके हैं और तार पेड़ों में उलझे हुए या जमीन के करीब लटके हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित की गई यह महत्वपूर्ण लाइन अब आम लोगों के लिए जोखिम का कारण बन रही है। आंधी-तूफान जैसी मौसमी घटनाओं के दौरान टूटे हुए तार और खंभे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस खतरनाक स्थिति के संबंध में विद्युत विभाग को कई बार शिकायतें दी गई हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस निष्क्रिय और जर्जर लाइन को जल्द से जल्द हटाने या इसकी मरम्मत कर सुरक्षित बनाने का आग्रह किया है, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को टाला जा सके। इस मामले पर चीफ इंजीनियर विनोद कुमार गुप्ता से रविवार शाम करीब 5:50 बजे फोन द्वारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। वहीं, एससी निखिल कुमार को भी शाम करीब 6:10 बजे और 6:30 बजे दो बार कॉल किया गया, लेकिन दोनों बार उनका मोबाइल नंबर भी बंद मिला।

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