मुजफ्फरनगर के युवा कलाकार तुषार ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने पुराने अखबारों का उपयोग कर भगवान हनुमान की एक शैडो स्कल्प्चर (छाया कलाकृति) तैयार की है। रोशनी पड़ने पर यह कलाकृति हनुमान जी के स्वरूप को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इस कलाकृति की विशेषता यह है कि इसका 3×2 फुट का मजबूत फ्रेम भी न्यूज़पेपर स्टिक से ही बनाया गया है। इसे तैयार करने में लगभग 15 दिन का समय लगा और 2000 से अधिक न्यूज़पेपर स्टिक का इस्तेमाल किया गया। यह तुषार की कला के प्रति लगन और धैर्य को दर्शाता है। जब इस स्कल्प्चर पर प्रकाश डाला जाता है, तो हनुमान जी का स्वरूप अत्यंत स्पष्ट रूप से उभरता है। दर्शक इस अनूठी कलाकृति को देखकर कलाकार की प्रतिभा की सराहना करते हैं। यह रचना भक्ति, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। तुषार इससे पहले भी कई उल्लेखनीय कलाकृतियां बना चुके हैं। उन्होंने लगभग 8000 न्यूज़पेपर स्टिक का उपयोग करके राम मंदिर का एक मॉडल तैयार किया था, जिसे काफी प्रशंसा मिली थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जगन्नाथ मंदिर का रथ, बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और स्वर्ण मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों के मॉडल भी अखबारों से बनाए हैं। उन्होंने कई उपयोगी और सजावटी वस्तुएं भी तैयार की हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि बेकार कागज़ को भी रचनात्मकता से नया रूप दिया जा सकता है। तुषार का यह कार्य आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। उनका संदेश है कि सच्ची लगन और मेहनत से साधारण संसाधनों का उपयोग करके भी असाधारण कला का सृजन किया जा सकता है।

Leave a Reply