मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में एक दलित महिला का घर गिराने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट राकेश कुमार ने लेखपाल मनोज कुमार, पुलिस चौकी इंचार्ज श्याम सिंह सहित 10 लोगों के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र और पुलिस जांच के बाद पारित किया गया। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी। पीड़िता गायत्री देवी के अनुसार, यह घटना थाना खंडासा क्षेत्र के पाराखानी गांव की दलित बस्ती में 18 मार्च, 2025 को हुई थी। दोपहर में लेखपाल मनोज कुमार, कंदई कला चौकी इंचार्ज श्याम सिंह, दो पुरुष और दो महिला सिपाही जेसीबी लेकर पहुंचे थे। उनके साथ गांव के राम आनंद, शैलेंद्र कुमार, विमला देवी, ताकदीन, कृष्ण कुमार, राजेश, दीनानाथ और राम प्रताप उर्फ बग्घा सिंह भी थे। इन सभी ने मिलकर गायत्री देवी का मकान गिराना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो लेखपाल,दरोगा और अन्य लोगों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की और मकान ध्वस्त कर दिया। पीड़िता और उनके पति को जमीन पर कोई भी निर्माण करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कई चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, उन्होंने विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में अर्जी दाखिल की।

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