मिल्कीपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में देरी का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन शुक्ला ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि वार्षिक चुनाव नियमों के विरुद्ध नहीं कराए जा रहे हैं। अधिवक्ता पवन शुक्ला के अनुसार, मिल्कीपुर बार एसोसिएशन का चुनाव 17 दिसंबर 2025 तक हो जाना चाहिए था। हालांकि, तीन महीने बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में याचिका दायर करनी पड़ी। मामले का संज्ञान लेते हुए, हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, मिल्कीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, मंत्री, कार्यकारी सदस्य और एल्डर्स कमेटी को नोटिस जारी किया है। इन सभी पक्षों को 31 मार्च 2026 को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को दस्ती नोटिस तामील कराने का आदेश दिया था। पवन शुक्ला के मुताबिक, एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष हरिमोहन शंकर श्रीवास्तव और कार्यकारी सदस्य एडवोकेट संदीप शुक्ला को नोटिस मिल गया है। हालांकि, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाण्डेय और मंत्री सूर्य नारायण द्विवेदी ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया है। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष हरिमोहन शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में चुनाव कराने के लिए बार एसोसिएशन अध्यक्ष और मंत्री से सदस्यों की सूची मांगी थी, लेकिन उन्हें आज तक कोई दस्तावेज नहीं मिला। उन्होंने यह भी बताया कि बार काउंसिल के नियमानुसार, कार्यकाल समाप्त होने पर यदि कमेटी चुनाव नहीं कराती है, तो उसके सारे अधिकार एल्डर्स कमेटी में निहित हो जाते हैं। नियमानुसार, अध्यक्ष और मंत्री को अपना चार्ज तुरंत एल्डर्स कमेटी को सौंप देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब सभी अधिवक्ताओं की निगाहें हाईकोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं।

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