मिर्जापुर में सदियों से विलुप्त महा त्रिकोण यात्रा को एक बार फिर से शुरू किया जा रहा है। गिरजापुर तीर्थ न्यास की पहल पर यह 25 किलोमीटर लंबी यात्रा आगामी 25 मार्च को बूढ़ेनाथ मंदिर से भव्य रूप से आरंभ होगी। जूना अखाड़ा के महंत डॉ. योगानंद गिरी ने इस आयोजन की जानकारी दी। महंत डॉ. योगानंद गिरी के अनुसार, यात्रा बूढ़ेनाथ मंदिर से शुरू होकर पहला पड़ाव पक्का घाट पर गंगा दर्शन के साथ पूरा करेगी। इसके बाद यह नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों से गुजरेगी। निर्धारित मार्ग में पंचमुखी, तारकेश्वर मंदिर, संकट मोचन मंदिर, लोहंदी महावीर मंदिर, काली खोह, नंदजा, कंकाल काली मंदिर और लाल भैरव मंदिर शामिल हैं। यात्रा अंततः पुनः बूढ़ेनाथ मंदिर पर समाप्त होगी।
डॉ. योगानंद गिरी ने बताया कि वृहद त्रिकोण महा यात्रा का उल्लेख प्राचीन औसनस एवं गिरजा पुराणों में मिलता है। यह परंपरा कालांतर में लुप्त हो गई थी, जिसे अब जनमानस के बीच पुनः जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी बताया कि अब प्रत्येक नवरात्रि में इस विशाल महा त्रिकोण यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के दौरान भक्त भक्ति गीतों और भजन-कीर्तन के साथ नगर भ्रमण करेंगे, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय बनेगा। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के इस यात्रा में शामिल होने की संभावना है।

Leave a Reply