मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के बरैनी गांव में वर्ष 2009 में हुए मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (ASJ-I) ने सभी दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले की जानकारी के अनुसार, यह मुकदमा वर्ष 2009 में कछवां थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 323, 308, 504 और 506 के तहत दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय में पेश किया और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों में बरैनी गांव निवासी दिनेश कुमार सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, दीपक उपाध्याय और गुड्डू उपाध्याय शामिल हैं। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष के कारावास के साथ पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रकरण में एडीजीसी सच्चिदानंद तिवारी, विवेचक चंद्रभूषण सिंह चंदेल, कोर्ट मुहर्रिर मुख्य आरक्षी हवलदार यादव और पैरोकार मुख्य आरक्षी नियाज अली ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते दोषियों को सजा दिलाई जा सकी। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत इस फैसले को बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

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