फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित अपने पति श्रीराम नेने के साथ काशी पहुंची है अपनी यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। नमो घाट से वह हाइड्रोजन क्रूज पर सवार होकर विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वारा पहुंची जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ मंदिर चौक पहुंची। मंदिर न्यास द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान माधुरी दीक्षित को देखकर वहां मौजूद पर्यटक काफी उत्साहित दिखे। माधुरी ने अपने पति के साथ बाबा विश्वनाथ का विशेष पूजन किया। दोनों ने मंदिर प्रांगण में ही रुद्राभिषेक किया और इस दौरान माधुरी दीक्षित पुरी भक्ति भाव स्वरूप में दिखाई दी उन्होंने ओम नमः शिवाय का जप किया। मंदिर न्यास द्वारा उन्हें रुद्राक्ष की माला और अंग वस्त्र भेंट किया गया। मंदिर से निकलते वक्त लाइन में खड़े भक्तों ने हर हर महादेव के जय घोष से उनका स्वागत किया। उन्होंने भी सभी के अभिवादन को स्वीकार किया। बाबा के दर्शन कर मन को शांति मिल रही माधुरी ने कहा कि बड़ा शुभ दिन है कि नवरात्रि की नवमी के दिन हम बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए काशी पहुंचे कल हमने गंगा आरती देखी आज बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन पूजन करने का सौभाग्य मिला उन्होंने कहा कि काफी मन को शांति मिल रही है। धाम की भव्यता पर भी उन्होंने खुशी जाहिर की उन्होंने कहा विश्वनाथ मंदिर काफी खूबसूरत बनकर तैयार हुआ है। अब पढ़िए, धक-धक गर्ल माधुरी के बारे में माधुरी दीक्षित ने भारतीय हिंदी सिनेमा में अपनी प्रतिभा, खूबसूरती और बेहतरीन नृत्य के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे आज भी नई पीढ़ी की अभिनेत्रियां आदर्श मानती हैं। 80 और 90 के दशक में उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में स्थापित किया। अपने शानदार अभिनय व लाजवाब डांस से दर्शकों के दिलों पर राज किया। कथक नृत्य में माधुरी को खास दिलचस्पी 15 मई 1967 को मुंबई में एक मराठी परिवार में जन्मी माधुरी के पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेहलता दीक्षित हैं। बचपन में उनका सपना डॉक्टर बनने का था, और यही वजह रही कि उन्होंने अपने जीवनसाथी के रूप में श्रीराम नेने को चुना, जो पेशे से एक चिकित्सक हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बचपन से ही कथक नृत्य में गहरी रुचि रखी, जिसके लिए उन्होंने कई वर्षों तक प्रशिक्षण लिया। माधुरी दीक्षित ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म अबोध से की, लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 में आई सुपरहिट फिल्म तेजाब से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं, जिनमें राम लखन, परिंदा, त्रिदेव, किशन कन्हैया और प्रहार शामिल हैं। वर्ष 1990 में आई फिल्म दिल में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसके अलावा माधुरी दीक्षित को वर्ष 2008 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

Leave a Reply