राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को शताब्दीनगर स्थित माधव कुंज सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी (भाग-3) का आयोजन मेरठ महानगर पश्चिम की ओर से किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक, व्यवसायी सहित समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। प्रथम सत्र में विभाग प्रचार प्रमुख पंकज जी ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रारंभिक दौर में संघ को उपहास और विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन आज इसकी व्यापक स्वीकार्यता बढ़ी है। मुख्य वक्ता प्रांत प्रचार प्रमुख सुरेंद्र ने हिंदुत्व की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत कभी कमजोर, निर्धन या अज्ञानी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि देश की गुलामी का कारण हमारी आंतरिक कमजोरियां जैसे जातिवाद, क्षेत्रवाद और सामाजिक विभाजन रहे हैं। डॉ. हेडगेवार द्वारा स्थापित संघ का उद्देश्य समाज को एकजुट करना और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना को मजबूत करना है। द्वितीय सत्र में पंकज ने ‘पंच परिवर्तन’ समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से विचार रखे। सत्र के अंत में जिज्ञासा समाधान के तहत उपस्थित लोगों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। कार्यक्रम का संचालन सेवा प्रमुख देवेंद्र ने किया, जबकि समापन वंदेमातरम के साथ हुआ। इस अवसर पर सत्यबंधु जी, मनीष जी, सचिन जी, कुलदीप, मोहित, निशित, अमित, तुषार, देवेंद्र, मनुदेव, मनोज, दयाराम, योगेश सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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