जौनपुर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली आपूर्ति के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत, अब माइनस बैलेंस होने पर बिजली कनेक्शन चालू नहीं होगा। उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति जारी रखने के लिए अपना पुराना बकाया चुकाना अनिवार्य होगा। जब तक मीटर का बैलेंस प्लस में नहीं आएगा, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी। जिले में लगभग सात लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्हें 69 विद्युत उपकेंद्रों के माध्यम से बिजली मिलती है। इन उपकेंद्रों के लिए 62 हजार ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। अब तक एक लाख 81 हजार स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जा चुके हैं। इस नई प्रणाली के तहत, पुराने बिलों की वसूली को भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जोड़ा गया है। यदि कोई उपभोक्ता अपने मीटर को रिचार्ज कराता है, तो रिचार्ज राशि का एक निश्चित हिस्सा स्वतः ही बकाया राशि में समायोजित हो जाएगा। शेष राशि ही बिजली के उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक उपभोक्ता का पूरा बकाया समाप्त नहीं हो जाता। इससे बिजली विभाग को बकाया वसूली में भी मदद मिलेगी। बकाया वसूली की प्रक्रिया को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है। 10 हजार रुपये तक के बकाया पर प्रत्येक रिचार्ज में 10 प्रतिशत की कटौती होगी। 10 हजार से 19 हजार रुपये तक के बकाया पर 15 प्रतिशत, और 15 हजार से 20 हजार रुपये तक के बकाया पर 20 प्रतिशत की कटौती लागू होगी। यदि बकाया 20 हजार रुपये से अधिक है, तो 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा अन्य सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं से हर रिचार्ज पर 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। विद्युत प्रथम के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि इस नई प्रणाली से उपभोक्ता स्वतः ही अपनी बकाया राशि का भुगतान कर देंगे। इससे उनकी बिजली आपूर्ति भी नियमित रूप से चालू रहेगी और विभाग को भी बकाया वसूली में आसानी होगी।

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