राज्य में धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। साथ ही अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के पास भी नहीं बिकेगी। लाइसेंस के बिना मांस-मछली की दुकानें नहीं चलेंगी। नगर विकास विभाग ने रविवार को इस संबंध में पटना नगर निगम समेत राज्य के सभी 261 नगर निकायों को निर्देश जारी किया है। बिना लाइसेंस मांस-मछली बेचने वालों की पहचान करके कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। जबकि, पटना नगर निगम में लाइसेंस बनाने और इसकी जांच का पूरा सिस्टम 10 साल से ठप है। विभाग के निर्देश के बाद निगम ने जांच की तो पता चला कि लाइसेंस लेकर मांस-मछली की दुकान चलाने वालों की संख्या काफी कम है। जबकि, शहर के चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों में जगह-जगह खुलेआम मटन, चिकन और मछली की बिक्री होती है।
इतनी सख्ती क्यों : नगर विकास विभाग के मुताबिक, बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कई स्थानों पर मांस-मछली की बिक्री की जा रही है। कई दुकानों में निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। खुले और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में बिक्री की जा रही है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ ही कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लाइसेंस जारी करने की शुरू होगी कार्यवाही, शहर में सर्वे शुरू
नगर निगम ने पूरे शहर का सर्वे शुरू कर दिया है। खुले में मांस-मछली बेचने वालों को नोटिस दिया जाएगा और उनसे सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने कहा जाएगा। मांस-मछली की दुकान संचालन के लिए लाइसेंस को अनिवार्य किया जाएगा। इस दिशा में निगम प्रशासन तैयारी में जुट गया है। अवैध दुकान संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।-यशपाल मीणा, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम लापरवाही : दो साल से एक भी लाइसेंस जारी नहीं पटना नगर निगम में मांस-मछली बेचने वालों को लाइसेंस देने की पूरी व्यवस्था 10 साल से ठप है। लाइसेंस का नवीनीकरण सालभर पर होना अनिवार्य है। इसका शुल्क 3 हजार रुपए है। पिछले दो साल से किसी अंचल में लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। बिना लाइसेंस के ही सैकड़ों दुकानें संचालित की जा रही हैं। मनमानी : दो अंचलों में 17 दुकानें ही लाइसेंसी विभाग के निर्देश के बाद अंचलवार लाइसेंसी दुकानों की पहचान की जा रही है। इस दौरान पता चला कि नूतन राजधानी अंचल में मांस-मछली की महज 10 और पाटलिपुत्र अंचल में 7 दुकानें ही लाइसेंसी हैं। कंकड़बाग, पटना सिटी और अजीमाबाद अंचल के लाइसेंसधारी दुकानदारों की फाइल खंगाली जा रही है। सभी कार्यपालक पदाधिकारी इस काम जुटे हैं।
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