महोबा में ईद-उल-फितर का पर्व अकीदत और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। मुख्यालय स्थित प्राचीन ईदगाह में हजारों मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने ईदगाह पहुंचकर लोगों को मुबारकबाद दी। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच पूरे जिले में उल्लास का माहौल देखा गया। एक महीने के कठिन रोजों के बाद, मुख्यालय के साथ-साथ चरखारी, कुलपहाड़ और कबरई की ईदगाहों में भी अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। शहर की प्राचीन ईदगाह में हजारों मुस्लिम भाइयों ने एक साथ दो रकात नमाज अदा की। नमाज के उपरांत, शहर काजी आफाक हुसैन ने खुत्बा पढ़ा। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद साहब के शांति और इंसानियत के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। शहर काजी ने अपने संबोधन में कहा कि मुसलमान वतन की हिफाजत के लिए अपनी जान भी कुर्बान करने को तैयार हैं। दुआ के लिए हजारों हाथ उठते ही, फिजा में मुल्क की सलामती, अमन और आपसी भाईचारे की गूँज सुनाई दी। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एएसपी वंदना सिंह और एडीएम कुंवर पंकज की देखरेख में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात को सुव्यवस्थित रखने के लिए भी चौराहों पर विशेष इंतजाम किए गए थे। नमाज के बाद, लोगों ने एक-दूसरे को ईद मुबारक कहकर गले लगाया। बच्चे और बुजुर्ग सभी पारंपरिक इस्लामी लिबास में सजे-धजे दिखाई दिए। ईदगाह के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों और समाजसेवियों द्वारा लगाए गए स्टालों पर लोगों को मिठाई खिलाई गई। यह आयोजन बुंदेलखंड की गंगा-जमुनी तहजीब की एक जीवंत मिसाल पेश कर रहा था, जिससे महोबा में ईद का त्योहार मिठास और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।

Leave a Reply