महोबा में ससुर ने बहू की लोहे की रॉड से हमला करके हत्या कर दी। आरोपी बहू पर अवैध संबंध रखने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर छोटे बेटे और नाती के साथ मिलकर उसे मार डाला। महिला के पति की मौत प्रयागराज में कुंभ मेले की भगदड़ में हो गई थी। मामला गुरुवार शाम का है। बेटी मां को बचाने के लिए चीखती रही, लेकिन आरोपी नहीं माने। घटना के बाद तीनों आरोपी बाइक से बैठकर फरार हो गए। भागते हुए गिरकर घायल हो गए, लेकिन पुलिस के पीछा करने की सूचना पर अस्पताल से भी फरार हो गए। फिलहाल पुलिस तलाश में दबिश दे रही है। अब विस्तार से पढ़िए मामला… चरखारी के कुरौराडांग में दयाराम पाल के नाम पर सरकारी राशन का कोटा है। घर में छोटे बेटे आशाराम की विधवा बहू सुखदेवी और उसके दो बच्चों के अलावा बड़े बेटे कीरत का परिवार रहता है। आशाराम की मौत 2025 के कुंभ मेले में हुई भगदड़ के दौरान हो गई थी। बेटे की मौत के बाद से ही ससुर बहू पर अवैध संबंध रखने का दबाव बनाने लगा था। कई बार सुखदेवी ने इसका विरोध किया और मायके में शिकायत की। मायके वाले समझाकर चले गए, लेकिन ससुर की हरकतें कम नहीं हुईं। गुरुवार शाम फिर से दयाराम ने सुखदेवी को पकड़ने की कोशिश की। विरोध करने पर लोहे की रॉड से हमला कर के पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के समय महिला की 16 साल की बेटी प्रतिज्ञा बचाने के लिए चीखती रही। हत्या में बेटे कीरत और उसके बेटे योगेंद्र ने भी साथ दिया। घटना के बाद तीनों फरार हो गए। पिता बोले- बेटी अपनी मां को बताती थी महिला के पिता लखन पाल ने बताया कि मेरी बेटी ने अपनी मां को कई बार बताया था कि जब से उसके पति की मौत हुई है उसका ससुर मेरे ऊपर गलत नीयत रख रहा है। मेरी बेटी और पत्नी ने मुझे यह बात बताई थी। हमने सोचा कि हमारी बेटी है, उसे उसी घर में रहना है, इसलिए हम ज्यादा कुछ नहीं कह पाए। कई बार रिश्तेदारों को बीच में डालकर पंचायत भी डलवाई, लेकिन दयाराम नहीं सुधरा। हमने बात को टालने की कोशिश की। कोटेदार और खेती करता है आरोपी दयाराम कोटेदार है और खेती भी करता है। वह कहता था कि कहीं मजदूरी करने मत जाओ, मैं पैसे दूंगा, लेकिन देता कुछ नहीं था। वह उसे बाहर जाने से रोकता था। उसकी नीयत खराब थी। जब मेरी बेटी ने उसकी बात नहीं मानी और उसने अपनी मौसी और मां को सब बता दिया तो दयाराम ने उसे जान से मार दिया। हमने इस मामले में कुछ रिश्तेदारों को भी शामिल किया था ताकि कोई समाधान निकल सके, लेकिन दयाराम अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। उसने आखिर में उसे मार ही डाला। दो बच्चों प्रतिज्ञा (16) और हिमांशु (10) के सिर से पिता के बाद मां का भी साया उठ गया। बेटी बोली- मेरी मम्मी मजदूरी करने जाती थी बेटी प्रतिज्ञा ने बताया कि- मेरे पापा महाकुंभ के मेले में 2025 में खत्म हो गए थे। फिर मेरी मम्मी मजदूरी करने के लिए जाती थीं। तो मेरे दादाजी रोकते थे कि मजदूरी करने मत जाओ। मेरी मम्मी बोलती थीं कि मजदूरी नहीं करूंगी तो अपने बच्चों को खिलाऊंगी कैसे? ना वो पैसे देते थे, ना खर्चा चलाते थे, ना कुछ। मेरी मम्मी मजदूरी के लिए जाती थीं और फिर इसी बात से झगड़ा किया। 16 तारीख को झगड़ा करते रहे काफी। फिर कल मतलब साढ़े तीन बजे मैं बाहर थी, मुझे पता नहीं अंदर कब चले गए? इन्होंने कुंडी लगाई, मेरे बड़े पापा और मेरे दादाजी, इन्होंने मम्मी को कुंडी लगा के लोहे की छड़ी से मारा। मामा अस्पताल की तरफ लेकर भागे उनके सिर में इतना खून निकल रहा था। मैंने चिल्लाया तो ये लोग भाग गए और पता नहीं वह छड़िया कहां फेंक के चले गए। मेरी मम्मी पड़ी थीं, फिर मैंने चिल्लाया, फिर मेरे मामा आए। फिर वो ले गए उन्हें अस्पताल, तब तक वह खत्म हो गईं। दादाजी मम्मी को गंदी नजर से देखते थे। भागते समय घायल हुआ आरोपी, अस्पताल से भागा वारदात को अंजाम देकर आरोपी दयाराम मोटरसाइकिल से फरार हो गया। भागते समय आरोपी राठ थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव के पास हादसे का शिकार होकर घायल हो गया। लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही वह अस्पताल से भी भाग निकला। फरार ससुर और बेटे-नाती की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पीछे छूट गए हैं दो मासूम बच्चे 10 साल का हिमांशु और 16 साल की प्रतिज्ञा, जिनके सिर से अब पिता के बाद मां का साया भी छिन गया है। सीओ ने अलग बताया मामला सीओ चरखारी दीपक दुबे ने बताया कि आरोपी ससुर का अपने सगे भाई से विवाद चला आ रहा है। बहू उसी के खेत में मजदूरी करने जाती थी, जिस पर उसने नाराजगी जताते हुए विरोध किया था। इसी को लेकर झगड़ा हुआ और मारपीट बढ़ी थी। जिसमें महिला की मौत हो गई। ——————————– यह खबर भी पढ़ें…. यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत:सांपों के जहर मामले में कोर्ट ने रद्द की यूपी पुलिस की FIR, नहीं मिले ठोस सबूत फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज सांपों के जहर मामले को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं हैं। जिसके बाद कोर्ट ने अब एफआईआर को रद्द कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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