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महोबा में किसानों, संगठनों ने की 10 सूत्रीय मांगें:जिले का नाम आल्हा-ऊदल नगर करने और कर्ज माफी की मांग की


                 महोबा में किसानों, संगठनों ने की 10 सूत्रीय मांगें:जिले का नाम आल्हा-ऊदल नगर करने और कर्ज माफी की मांग की

महोबा में किसानों, संगठनों ने की 10 सूत्रीय मांगें:जिले का नाम आल्हा-ऊदल नगर करने और कर्ज माफी की मांग की

महोबा में किसान कामगार यूनियन और संयुक्त संगठनों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आल्हा चौक पर एकत्र होकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इसमें आल्हा-ऊदल के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने, लाडली बहना योजना लागू करने और जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग प्रमुख थी। वीर आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा में यह प्रदर्शन किसान कामगार यूनियन, रेल संघर्ष मोर्चा और लाड़ली बहना अधिकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में अंबेडकर पार्क पर हुआ। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी उपेक्षित विरासत और किसानों के हक की आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें 1 मई 2026 तक पूरी नहीं हुईं, तो जनपद मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वरचन्द्र त्रिपाठी और प्रदेश अध्यक्ष हरवंश राजपूत ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से शासन को 10 सूत्रीय मांग पत्र भेजा। इसमें महोबा जनपद का नाम बदलकर ‘वीर आल्हा-ऊदल नगर’ करने और आल्हा-ऊदल के पैतृक गांव दसपुरवा को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग शामिल है। महिलाओं को 3000 रुपये मासिक भत्ता देने की मांग की संगठन ने महोबा रेलवे स्टेशन के बाहर इन वीर योद्धाओं की विशाल मूर्तियां लगाने और उनके इतिहास को NCERT की किताबों में जगह देने की भी मांग की है।संगठन ने केवल ऐतिहासिक धरोहरों से संबंधित मांगें ही नहीं उठाईं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। यूनियन ने उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर ‘लाड़ली बहना योजना’ लागू कर महिलाओं को 3000 रुपये मासिक भत्ता देने की मांग की। साथ ही, बुंदेलखंड के किसानों के कर्ज पूरी तरह माफ करने और कृषि आयोग का गठन कर खेती को व्यावसायिक दर्जा दिलाने की बात कही गई है।भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी संगठन ने मुखरता दिखाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जनपद में जल जीवन मिशन के कार्यों और चकबंदी विभाग में बिचौलियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है। संगठन ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अधिग्रहण को भूमि अधिग्रहण एक्ट-2013 के तहत करने और महोबा से ऐतिहासिक कालिंजर तक नई रेल लाइन बिछाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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