मुजफ्फरनगर के नई मंडी क्षेत्र की एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि उसने डॉ. अनुराग गोयल के खिलाफ धारा 376 (बलात्कार) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद विपक्षी पक्ष द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। गैर-जमानती वारंट जारी महिला के अनुसार, एक सुनवाई में अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसे बाद में रद्द करा लिया गया था। महिला का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने बिना वैध वारंट के उसके घर में प्रवेश किया और उसके पति के साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके पति को घर से बाहर घसीटकर मोहल्ले में पीटा और उसकी जेब से नकदी भी निकाल ली। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में विपक्षी पक्ष और कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत है, जिसके कारण उसका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं घटना के बाद महिला ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर, नई मंडी कोतवाली प्रभारी ब्रजेश कुमार शर्मा ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अदालत से महिला और उसके पति दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे। महिला ने अपने वारंट तो रद्द करा लिए थे, लेकिन उसके पति के वारंट रद्द नहीं हुए थे। इसके बाद अब अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 82 के तहत कुर्की की घोषणा की है।

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