सहारनपुर में थाना कुतुबशेर क्षेत्र के जाटव नगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए क्रूरता, गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने की मांग की है। पीड़िता के अनुसार, महिला की शादी 29 जून 2020 को हिंदू रीति-रिवाज से सन्नी कुमार के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में उसके मायके पक्ष ने हैसियत से बढ़कर करीब 15 लाख रुपए के आभूषण, घरेलू सामान, 10 लाख रुपए नगद और अन्य खर्च मिलाकर लगभग 20 लाख रुपए खर्च किए थे। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने कम दहेज का ताना देते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उससे 12 लाख रुपए अतिरिक्त दहेज के रूप में बड़ी गाड़ी खरीदने के लिए मांगे गए। मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। महिला ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान भी उसे भारी काम करने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि जब उसने बेटी को जन्म दिया तो ससुराल पक्ष उसे स्वीकार नहीं कर सका और उसे खत्म करने तक की कोशिश की गई। इसके बाद उत्पीड़न और बढ़ गया। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2020 में गर्भ में पल रहे शिशु को मारने के लिए उसके साथ मारपीट की गई, यहां तक कि पेट पर वार किए गए। इसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में चिकित्सकों को गर्भपात करना पड़ा। सबसे गंभीर आरोप 25 अक्टूबर 2024 की घटना को लेकर है। पीड़िता के अनुसार, महिला थाने में शिकायत के बाद ससुराल पक्ष ने समझौते के बहाने उसे बुलाया। वहां दबाव बनाकर शिकायत वापस लेने को कहा गया। विरोध करने पर उसके चरित्र पर आरोप लगाए गए और आत्महत्या के लिए उकसाया गया। आरोप है कि इसके बाद उसे छत पर ले जाकर जान से मारने की नीयत से नीचे धक्का दे दिया गया। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या का प्रयास बताने की कोशिश की। धक्का दिए जाने से महिला को गंभीर चोटें आईं और उसे चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां वह लंबे समय तक ICU में रही। फिलहाल वह चलने-फिरने में असमर्थ है और व्हीलचेयर के सहारे जीवन जी रही है। पीड़िता ने अपने ससुर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि घर में काम करते समय उसके साथ अश्लील हरकतें की गईं। विरोध करने पर उल्टा उसे ही बदनाम किया गया। महिला का आरोप है कि उसने पहले महिला थाना और बाद में थाना कुतुबशेर और एसएसपी को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला थाना ने पहले की शिकायत का हवाला देकर नया मामला संबंधित थाने भेज दिया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

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