चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के उदया काल के अनुसार आज पूरे देश में महावीर जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक के अवसर पर आगरा शहर में जगह-जगह से भव्य शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। मोती कटरा, कमला नगर, पश्चिम पुरी और हरीपर्वत सहित कई क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह चरम पर है और पूरा शहर “भगवान महावीर की जय” के जयकारों से गूंज उठा। भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा आगरा श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, हनुमान चौराहा, मोती कटरा से निकली विशाल रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। 12 वर्षों बाद मोती कटरा क्षेत्र को इस ऐतिहासिक आयोजन का अवसर मिलने से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित इस रथयात्रा का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने हरी झंडी दिखाकर किया। सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान महावीर की झांकी के साथ निकली शोभायात्रा का दृश्य अत्यंत मनोहारी रहा। पूरे मार्ग में भक्ति गीत, जयकारे और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा। यात्रा में ताशा दल, 12 बैंड, 12 बग्गियां, जैन ध्वज, मंगल कलश और अनेक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इन झांकियों में आचार्य विद्यासागर जी, शांतिनाथ भगवान, नेमिनाथ भगवान की बारात, वर्धमान से महावीर की यात्रा, पांडुक शिला, बाहुबली भगवान, आदिनाथ भगवान, राजा सिद्धार्थ, माता त्रिशला के सोलह स्वप्न, अहिंसा का संदेश, पावापुरी और चंदनबाला आहार जैसे दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। एटा का मयूर नृत्य, महाराष्ट्र की प्रस्तुति, असम के कलाकारों की संगीत प्रस्तुति, सपेरा बीन बैंड, भरतनाट्यम और राजस्थान व इटावा के कलाकारों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल जल और जलपान की व्यवस्था की गई। यात्रा को चार सेक्टरों में विभाजित कर सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। यह यात्रा मोती कटरा से प्रारंभ होकर पटेल नगर, हींग की मंडी, फव्वारा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, धूलियागंज और बेलनगंज होते हुए एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत पहुंची। पूरे मार्ग में तोरण द्वार, आकर्षक सजावट और स्वागत मंच बनाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। एम.डी. जैन इंटर कॉलेज परिसर में भगवान महावीर का पांडुकशिला पर विधिवत अभिषेक किया गया। रात्रि में महिलाओं द्वारा भगवान के बाल स्वरूप को पालने में झुलाने का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। शहर भर में निकलीं शोभायात्राएं महावीर जयंती के अवसर पर आगरा के विभिन्न क्षेत्रों—कमला नगर, पश्चिम पुरी, हरीपर्वत और अन्य इलाकों में भी भव्य शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। हर स्थान पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। मंदिरों में पूजा-अर्चना, प्रवचन और दान-पुण्य के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। क्यों मनाई जाती है महावीर जयंती? महावीर जयंती भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व वैशाली में हुआ था। उन्होंने मानवता को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और आत्मसंयम का मार्ग दिखाया। 30 वर्ष की आयु में उन्होंने राज-पाट त्यागकर तपस्या का मार्ग अपनाया और 12 वर्षों की कठोर साधना के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को शांति, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देती हैं। आधुनिक समय में बढ़ती हिंसा और तनाव के बीच भगवान महावीर के सिद्धांत और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।

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