अहिंसा, सत्य और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भगवान महावीर के 2625वें जन्मकल्याणक पर गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजन किया गया। महावीर स्वामी साप्ताहिक मिलन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में शाम 5 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने कहा कि महावीर के सिद्धांत—अहिंसा, अपरिग्रह और सत्य—आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और तनाव के बीच इन मूल्यों को अपनाना समय की जरूरत है। उनके विचार सामाजिक समरसता और शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अहिंसा और सहिष्णुता का संदेश बेहद जरूरी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि महावीर का जीवन दर्शन पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में अहिंसा और सहिष्णुता का संदेश बेहद जरूरी हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुई। इसके बाद संगोष्ठी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए महावीर के जीवन और उनके उपदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुतियों ने लोगों को आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ने का काम किया। ये रहे मौजूद इस मौके पर अवनीश अवस्थी, नेहा जैन, अजीत शासने, अनीता भटनागर जैन और पीयूष सिंह चौहान समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अनीता जैन ने पांच अणुव्रत की विस्तार से जानकारी दी, जबकि अजीत शासने ने जैन धर्म और पर्यावरण के संबंध पर प्रकाश डाला। अवनीश अवस्थी ने कहा कि विश्व में शांति का मार्ग महावीर के सिद्धांतों से ही संभव है।

Leave a Reply