केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने रविवार शाम बोधगया में विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह बौद्ध समुदाय को सौंपा जाना चाहिए। मंत्री अठावले ने बताया कि देशभर के बौद्ध लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य धर्मों के धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में दूसरे धर्म के लोगों को शामिल नहीं किया जाता, तो महाबोधि मंदिर का प्रबंधन भी बौद्धों के हाथ में होना चाहिए। अठावले ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत की है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय राज्य सरकार के अध्यादेश से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे पर पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चर्चा कर चुके हैं। उनके अनुसार, बौद्ध प्रतिनिधिमंडल लगातार उनसे मिलकर यह मांग उठा रहा है। अठावले ने कहा कि वे स्वयं बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुयायी और बौद्ध हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे सोमवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे। इससे पहले, मंत्री अठावले विश्व बौद्ध संघ द्वारा आयोजित संघदान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में कई देशों के बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन भदंत हर्षबोधी महाथेरो के नेतृत्व में किया गया था।
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