प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में मेरठ के सरूरपुर गांव के किसान अरुण कुमार का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए कहा कि अरुण कुमार अब अपने जिले में “ऊर्जा दाता” के रूप में पहचान बना चुके हैं और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अरुण कुमार ने अपने अनुभव साझा किए थे। पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के बाद वे न केवल अपने बिजली बिल में बड़ी बचत कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उसे बेच भी रहे हैं। 2000-3000 के बिल से शुरू अब बिल शून्य
अरुण कुमार ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 2000 से 3000 रुपए तक आता था। पत्नी के सुझाव पर उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार से 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी मिली। इसके बाद धीरे-धीरे उनका बिजली बिल शून्य हो गया। AI और व्हाट्सएप से बेच रहे अतिरिक्त बिजली
उन्होंने ‘ऊर्जा AI’ प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप के माध्यम से P2P एनर्जी ट्रेडिंग शुरू की। अब वे अपनी अतिरिक्त बिजली सीधे अन्य उपभोक्ताओं को बेच रहे हैं। पहली बार दिल्ली की एक महिला को बिजली बेचने पर परिवार ने खुशी में हलवा-पूरी बनाकर जश्न मनाया था। मोबाइल ऐप से बिजली ट्रांसफर का मॉडल
अरुण कुमार ने मोबाइल ऐप के जरिए बिजली ट्रांसफर करने का मॉडल भी विकसित किया है। इस तकनीक में सोलर पैनल से बनी अतिरिक्त बिजली रिकॉर्ड होती है, स्मार्ट मीटर उसकी मात्रा मापता है और मोबाइल ऐप के माध्यम से उपभोक्ता व उत्पादक सीधे जुड़ते हैं। AI आधारित यह सिस्टम पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और आसान बनाता है। इसके लिए उपभोक्ता के पास स्मार्ट मीटर होना जरूरी है। AI समिट में दे चुके हैं लाइव डेमो इससे पहले अरुण कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित ‘AI समिट 2026’ में प्रधानमंत्री के सामने लाइव डेमो देकर दिखाया था कि मोबाइल कमांड के जरिए बिजली ट्रांसफर कैसे किया जा सकता है। उ पीएम द्वारा नाम लिए जाने पर अरुण कुमार ने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे मेरठ जिले का है। वर्तमान में वे स्कूलों और संस्थाओं में जाकर लोगों को सोलर ऊर्जा और P2P एनर्जी ट्रेडिंग के प्रति जागरूक कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग आत्मनिर्भर बन सकें। परिवार के अनुसार, इस पहल से न केवल आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि गांव में गर्व और खुशी का माहौल भी बना है। अब आसपास के लोग भी सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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