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मन की बात में छाए मेरठ के अरुण कुमार:PM मोदी ने अरुण को बताया ‘ऊर्जा दाता’ , बिजली ट्रांसफर के मोबाइल मॉडल को सराहा

29 मार्च को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के किसान अरुण कुमार का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने क्षेत्र का “ऊर्जा दाता” बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की मेरठ के अरुण कुमार भी अपने इलाके में ऊर्जा दाता बन गए है। हाल ही में दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में अरुण कुमार ने हिस्सा लिया था और अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने बताया था की वो न केवल बिजली बिल की बचत करते है बल्कि अपनी अतरिक्त बिजली बेच भी रहे है। अरुण कुमार ने सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए मोबाइल ऐप के माध्यम से बिजली ट्रांसफर करने का मॉडल विकसित किया है। इस तकनीक के जरिए अब किसान अपने सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को सीधे दूसरे उपभोक्ताओं तक भेज सकते हैं। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में इस तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया, जहां मोबाइल फोन के जरिए मेरठ से दिल्ली तक बिजली ट्रांसफर कर दिखाया गया। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, REC के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा (IAS) और प्रिंस धवन (IAS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री द्वारा अपने कार्यक्रम में उल्लेख किए जाने पर अरुण कुमार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, “आज मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मेरा जिक्र किया। यह केवल मेरे लिए ही नहीं बल्कि पूरे मेरठ जिले के लिए सम्मान की बात है।” क्या है यह नई तकनीक यह एक AI आधारित पीयर-टू-पीयर (P2P) बिजली ट्रांसफर सिस्टम है, जिसमें सोलर पैनल से बनी अतिरिक्त बिजली को स्मार्ट मीटर के जरिए रिकॉर्ड किया जाता है। मोबाइल ऐप उत्पादक (किसान) और उपभोक्ता को जोड़ता है, जिससे बिजली सीधे एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजी जा सकती है। उपयोगकर्ता मोबाइल ऐप या WhatsApp के जरिए भी यह देख सकता है कि उसके पास कितनी बिजली उपलब्ध है और कितनी बेची जा सकती है। वर्तमान व्यवस्था और नए मॉडल में फर्क अभी किसान अपनी अतिरिक्त बिजली सरकार को मात्र ₹2.5 से ₹3 प्रति यूनिट के हिसाब से बेचते हैं, जबकि यही बिजली उपभोक्ताओं को ₹6 से ₹8 प्रति यूनिट में मिलती है। इससे किसानों को कम लाभ और उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का सामना करना पड़ता है। नई तकनीक के लागू होने पर किसान सीधे उपभोक्ता को लगभग ₹5 प्रति यूनिट में बिजली बेच सकता है। इससे किसान की आय बढ़ेगी और उपभोक्ता को भी सस्ती बिजली मिलेगी। यह मॉडल सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। किसान के घर लगे सोलर पैनल से अतिरिक्त बिजली सिस्टम में रिकॉर्ड होती है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए बिजली खरीद सकता है और किसान उसी माध्यम से बिजली ट्रांसफर कर सकता है। पूरा सिस्टम AI द्वारा ऑटोमैटिक तरीके से मैनेज होता है, जिससे इसका उपयोग आसान हो जाता है। PM के सामने रखा विजन अरुण कुमार ने प्रधानमंत्री के सामने अपने मॉडल को प्रस्तुत करते हुए कहा कि किसान अब केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन सकता है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को जरूरतमंद तक पहुंचाकर देश के विकास में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। अरुण कुमार का कहना है कि किसान सिर्फ खेतों में अनाज ही नहीं, बल्कि अपने घर में ऊर्जा भी पैदा कर सकता है। अगर उसकी अतिरिक्त बिजली किसी और के काम आ जाए, तो यह देश के लिए बड़ा योगदान होगा।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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