महोबा की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के भीतरिया गांव स्थित काली माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान एक हादसा हो गया। कन्या भोज के लिए आए श्रद्धालुओं पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें 11 बच्चों सहित कुल 14 लोग घायल हो गए। तीन गंभीर घायलों को महोबा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना मंगलवार को हुई जब गर्रापुरवा निवासी मैयादीन कुशवाहा का परिवार और गांव के बच्चे कन्या भोज कराने के लिए भीतरिया के काली माता मंदिर पहुंचे थे। हर साल की तरह, इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यह आयोजन किया गया था। इस हमले में 11 बच्चों समेत 14 लोग बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल दो माह के मान सिंह, 18 वर्षीय सोमवती और 20 वर्षीय रामश्री को प्राथमिक उपचार के बाद महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। मंदिर परिसर में कन्या भोज की तैयारी चल रही थी, तभी एक पुराने बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से झुंड अचानक भड़क उठा। मधुमक्खियों ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया, जिससे खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हजारों की संख्या में मधुमक्खियों ने लोगों को घेर लिया। हमले के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हमले में 11 बच्चों समेत 14 लोग बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल दो माह के मान सिंह, 18 वर्षीय सोमवती और 20 वर्षीय रामश्री को प्राथमिक उपचार के बाद महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। आयुष, माही, प्रांशी, आंशका सहित अन्य बच्चों का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। पीड़ित परिवार के सदस्य मनप्यारे और मैयादीन ने बताया कि लगभग 25 लोग दो ट्रैक्टरों में सवार होकर माता के स्थान पर आए थे। अचानक हुए इस हमले से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से अब मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। आस्था के केंद्र पर हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

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