मधुबनी में नए साल में भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से लोगों को राहत नहीं मिली है। शुक्रवार, 2 जनवरी को तेज पछुवा हवा और भयंकर कुहासे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। सुबह 11 बजे तक सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, और दिन में भी अंधेरा छाया रहा। ‘कोल्ड डे’ की चपेट में जिला, घरों में दुबके लाेग घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर आवाजाही करते दिखे। बिहार का सीमावर्ती मधुबनी जिला पूरी तरह से ‘कोल्ड डे’ की चपेट में आ गया है। शुक्रवार को तेज पछुवा हवा चलने से कनकनी और बढ़ गई, और दिन भर धूप न निकलने से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। जिले में पारा सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए, जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न अंचलों और नगर निकाय क्षेत्रों के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था कड़ाके की ठंड में आमजनों, राहगीरों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी ठंड और शीतलहर की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में, ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक एडवाइजरी भी जारी की गई है, जिसमें नागरिकों से आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आम लोगों से आग्रह किया है कि अत्यधिक ठंड के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें तथा बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अलाव की व्यवस्था निरंतर प्रभावी रूप से जारी रहे और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस मानवीय और संवेदनशील प्रयास की आम नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है, जिससे ठंड के इस कठिन दौर में लोगों को काफी राहत मिल रही है।
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