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मथुरा में 5 वां विश्व आध्यात्मिक उत्सव:कृष्ण चंद्र शास्त्री ने सुनाई कथा, नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए

आध्यात्मिक गुरु, MAAsterG और गॉड होम जर्नी फाउंडेशन (GHJF) द्वारा वृंदावन में पाँचवें विश्व आध्यात्मिक उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस पाँचवें आयोजन में अमेरिका, दुबई, कुवैत, फिलीपींस और अन्य कई देशों से MAAsterG के एक हजार से ज्यादा संगत एकत्रित हुई है। 108 घंटे तक अनवरत चल रहे इस उत्सव के तीसरे दिन युवा, वयस्क और वरिष्ठ नागरिक सभी ने हृदय से ‘राधे राधे’ का जाप किया। 108 घंटे तक चल रहा उत्सव MAAsterG के पिछले सभी उत्सवों की भांति चौबीसों घंटे चलने वाला यह उत्सव इस मायने में अनूठा है कि 4 दिनों के 108 घंटों को पहली बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वैश्विक दर्शकों के लिए लाइव प्रसारित किया जा रहा है । उत्सव में, MAAsterG ने बताया कि ‘रा-धा’ को उल्टा लिखने पर ‘धा-रा’ या प्रवाह बनता है, जो हमें ‘प्रवाह के साथ बहने’ की याद दिलाता है। राधा-कृष्ण ने वृंदावन में ‘रास-लीला’ खेली, जो दिव्य आत्माओं के मिलन का प्रतीक है। प्रसिद्ध कथा वाचकों ने दिए उपदेश चार दिनों तक चल रहे इस उत्सव में प्रसिद्ध कथा वाचक कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी, देवकीनंदन ठाकुर जी, महावीर शर्मा , हरिवंश जी, बिहारी दास जैसे प्रख्यात कथावाचकों ने भाग लिया । उनके शब्दों और संगीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्हें दिव्य आनंद के आंसुओं से भर दिया । उत्सव के तीसरे दिन विभिन्न धर्मों के विचारक मौजूद रहे। जो “अध्यात्म – प्रेम और शांति की नींव” विषय पर संवाद करने के लिए एकत्रित हुए थे । इनमें मरज़बान नरिमन ज़ाईवाला, दिल्ली पारसी अंजुमन के वरिष्ठ ट्रस्टी, आचार्य येशी फुंत्सोक, तिब्बती निर्वासित संसद के पूर्व उपाध्यक्ष, भारत तिब्बत सहयोग मंच के वरिष्ठ सलाहकार तथा एक वरिष्ठ महायान बौद्ध भिक्षु, इजेकिल आइजैक मालेकर, भारत में यहूदी समुदाय के प्रमुख, आचार्य विवेक मुनि जी महाराज मथुरा-वृंदावन के विधायक श्री श्रीकांत शर्मा एवं संत कार्ष्णी नागेंद्र रहे। इस उत्सव में MAAsterG की तीन रचनाओं का पहली बार विमोचन भी हुआ। उत्सव में दिव्य भजन और नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए। वृंदावन में कृष्ण द्वारा राधा को दी गई लीलाओं के माध्यम से ज्ञान को दर्शाने वाला एक अनूठा लेजर शो प्रस्तुत किया गया। MAAsterG ‘मिशन 800 करोड़’ पर परिश्रम कर रहे हैं, जहाँ वे ‘खुशी की गारंटी’ के नारे के तहत दुनिया भर में अपने 800 करोड़ भाइयों और बहनों के साथ जीवन के इस ज्ञान को बिल्कुल मुफ्त में साझा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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