यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है। शुक्रवार सुबह से मथुरा में तेज बारिश हो रही है। वहीं वाराणसी- अलीगढ़ में भी बूंदाबांदी शुरू हो गई है। जबकि प्रदेश के 33 जिलों में बादल छाए हुए हैं। वहीं गाजियाबाद, हाथरस, संभल और नोएडा में देर रात आंधी के साथ बारिश हुई। मथुरा में तेज आंधी से सड़क पर लगे होर्डिंग गिर गए। कई जगह पेड़ और बिजली के पोल भी उखड़ गए। खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ है। एक मकान की छत ढह गई। संभल में भी तेज आंधी चली। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 दिनों तक यानी 22 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहेगा। कल यानी गुरुवार की बात करें, तो बांदा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री दर्ज किया गया। बुलंदशहर और आगरा में धूल भरी आंधी चली। 24 घंटे एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- अगले 24 घंटे तक उत्तरी पश्चिमी भाग में बारिश की संभावना दिखाई दे रही है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम हो जाएगी। विक्षोभ के असर से मथुरा में सबसे तेज 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। नोएडा में 59 किमी, जबकि आगरा और बुलंदशहर में 57 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की गई। बारिश में बागपत और बुलंदशहर आगे रहे, जहां करीब 6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। विजुअल देखिए… इन जिलों में बारिश और तेज हवा चलने का अलर्ट
जालौन, इटावा, आगरा, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, कासगंज, कानपुर देहात, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फ़र्रुखाबाद, शाहजहाँपुर, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अलीगढ़, बदायूं, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, और सहारनपुर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। क्यों बदला मौसम, जानिए
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- आज से अफगानिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर यूपी तक दिख रहा है। इसके चलते मौसम में बदलाव हुआ है। 20 मार्च से इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। बारिश से अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 2 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम गेहूं, अरहर को होगा नुकसान, कैसे बचान करें
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ सकता है। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं। दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं। दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और उसे सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें। ————————-

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