मथुरा में घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला पूर्ति विभाग ने महोली रोड स्थित कैप्टन राकेश इंडेन गैस सर्विस पर छापा मारा। इस दौरान गोदाम में स्टॉक के भौतिक सत्यापन में भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। जांच में पाया गया कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलिंडरों की संख्या रिकॉर्ड से 271 अधिक थी। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार एजेंसी के पास कुल 646 सिलिंडर (भरे और खाली मिलाकर) होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर 917 सिलिंडर पाए गए।
वहीं, दो किलोग्राम वाले छोटे सिलिंडरों में उल्टी स्थिति सामने आई। रिकॉर्ड में जहां 114 सिलिंडर दर्ज थे, वहीं मौके पर केवल 65 सिलिंडर ही मिले, यानी 49 सिलिंडर कम पाए गए। हालांकि, 19 किलोग्राम और 5 किलोग्राम वाले सिलिंडरों का स्टॉक रिकॉर्ड के अनुसार सही पाया गया। यह छापेमारी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी फूल सिंह यादव, पूर्ति निरीक्षक और बांट-माप निरीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा की गई। टीम ने ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अंतर सामने आया। जांच के दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से दूरभाष पर संपर्क कर जानकारी ली। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा गैस सिलिंडर बिना तौल के दिए जाते हैं और कई बार निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली जाती है।
महोली रोड स्थित कार्यालय और पालीखेड़ा स्थित गोदाम पर हुई इस कार्रवाई के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने एजेंसी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर एजेंसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने पिछले एक सप्ताह में गैस सिलिंडरों के उठान और वितरण का पूरा ब्यौरा भी तलब किया है, ताकि कालाबाजारी की जड़ों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जा सके।

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