पटना में इस बार डेंगू ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है। दिसंबर की शुरुआती ठंड के साथ ही डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर दम तोड़ देते थे, लेकिन इस साल पिछले 24 घंटों में चार, जबकि एक सप्ताह में आठ मरीज मिल चुके हैं। पिछले साल 21 से 31 दिसंबर के बीच पटना में इक्का-दुक्का मरीज मिले थे। कई दिन तो एक भी मरीज नहीं मिला था। लेकिन, 2025 की स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। इस बार ठंड पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, फिर भी 20 दिसंबर के बाद भी केस मिल रहे हैं। 30 दिसंबर को जब ठंड पिछले कई साल का रिकॉर्ड तोड़ रही थी, तब भी यहां चार पॉजिटिव केस मिले थे। आईजीआईएमएस में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गोविंद कुमार ने कहा-इस ठंड में भी डेंगू का प्रकोप यह दर्शाता है कि मच्छर अब इसमें खुद को ढाल चुके हैं। आमतौर पर 15 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में मच्छरों का लार्वा पनपना बंद हो जाता है, लेकिन इस मौसम में भी डेंगू मरीजों का मिलना चिंता करने वाली बात है। क्या करें और क्या न करें अब सालोंभर मच्छर नियंत्रण की रणनीति सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि इस बार ठंड में भी डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, यह चिंता की बात है। इसे देखते हुए विभाग ने सालों भर मच्छर नियंत्रण की रणनीति अपनाई है। डेंगू के अलावा भी मच्छर से कई बीमारियां होती हैं, जिन्हें नियंत्रित करना जरूरी है। बचने का मच्छरों का स्मार्ट तरीका
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