फर्रुखाबाद के कायमगंज में पिछले माह बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मकान की खुन्नस के चलते हत्या की गई थी। बताया गया आरोपी बुजुर्ग दंपत्ति के यहां 8 साल तक किराए पर रहा था। उसी ने पुरुषोत्तम (70) और उनकी पत्नी पुष्पा (65) की हत्या की थी। आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना कायमगंज के मोहल्ला गंगा दरवाजा कूंचा मोहल्ला में हुई थी। पुरुषोत्तम का शव बिस्तर पर मिला था, जबकि उनकी पत्नी पुष्पा का शव आंगन में पड़ा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी भी मौके पर पहुंचे थे। मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित की थीं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली गई थी। मृतक दंपत्ति के दामाद ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी। बुधवार शाम को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया। कायमगंज के मोहल्ला बगिया निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया बिजली का तार भी बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि वह करीब 8 साल से मृतक दंपत्ति के घर में रहा था और पैरालाइसिस बुजुर्ग व उसकी पत्नी की सेवा करता था। उसका दावा है कि दंपत्ति ने उसे मकान देने का वादा किया था। जितेंद्र ने यह भी बताया कि उसने बुजुर्ग दंपत्ति की बेटी का रिश्ता अपनी बेटी के देवर से कराया था। इसके बावजूद दंपत्ति ने उससे मकान खाली कराया था। उसे जानकारी मिली कि वे मकान 30 लाख रुपये में बेच रहे हैं। इसी खुन्नस में उसने दोनों की हत्या कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि जितेंद्र लंबे समय से किराएदार के रूप में उनके घर में पारिवारिक सदस्य की तरह रह रहा था। पुरूषोत्तम को पैरालाइसिस था तो जितेंद्र इनकी सेवा करता रहता था। बुजुर्ग दंपत्ति की बेटी की शादी होने के बाद किराएदार को मकान खाली करने को कहा। इस पर जितेंद्र को गुस्सा आया। इस पर इनका झगड़ा भी हुआ। जहां पुष्पा ने इसको थप्पड़ मार धक्का भी दिया। इससे यह बहुत आहत हुआ। इसके बाद यह मकान खाली कर बाहर कहीं रहने लगा। तभी से आरोपी के मन में बदला लेने की भावना पनप रही थी। आरोपी जितेंद्र को जब पता चला कि बुजुर्ग दंपत्ति का भतीजा वैष्णो देवी की यात्रा पर जा रहा है और वह लंबे समय तक बाहर रहेगा, तो उसने मौके का फायदा उठाने की योजना बनाई। उसे आवासीय गली की भौगोलिक स्थिति की पूरी जानकारी थी। आरोपी ने जानबूझकर सीसीटीवी कैमरों से बचते हुए दूसरी ओर से गली में प्रवेश किया, जहां कैमरे नहीं लगे थे। वहां से वह घर में दाखिल हुआ और घटना को अंजाम दिया। जितेंद्र पहले उस घर में बिजली का काम कर चुका था, इसलिए उसे घर की पूरी जानकारी थी। उसने पुरुषोत्तम की हत्या बिजली के तार से गला घोंटकर की। बताया गया कि उसने तार को प्लास से कस दिया था। वहीं, पुष्पा देवी की हत्या घर के आंगन में की गई। आरोपी की चालाकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान वह पंचायतनामा में गवाह भी बना। पूछताछ में उसने बताया कि वारदात के बाद उसने अलमारी खोलकर सामान को इधर-उधर बिखेर दिया, ताकि मामला चोरी या लूट जैसा लगे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

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