मऊ जिले में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलम्ब समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक 28 मार्च को आयोजित की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। समिति के सभापति डॉ. रतन पाल सिंह इसकी अध्यक्षता करेंगे। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष में संचालित सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा होगी। इसमें दिसंबर 2025 तक जारी स्वीकृतियों और खर्च की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जिन विभागों को अपेक्षित बजट नहीं मिला, उनके प्रयासों की भी जानकारी ली जाएगी। विभिन्न योजनाओं में तय मानकों के अनुसार उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ कमियों के कारणों पर भी चर्चा होगी। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण न करने पर की गई कार्रवाई और योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे होने की स्थिति पर भी विभागों से जवाब मांगा जाएगा। प्रशासनिक मामलों में, जनवरी 2022 से दिसंबर 2025 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य देयों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। लंबित पदोन्नति और चयन वेतनमान के मामलों की संख्या और उनके लंबित रहने के कारणों की जानकारी मांगी गई है। इसके अतिरिक्त, पिछले तीन वर्षों के मृतक आश्रित नियुक्तियों के मामलों और उनमें हुई नियुक्तियों की स्थिति, साथ ही लंबित प्रकरणों का ब्यौरा भी बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। किसानों के मुआवजे से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर उन मामलों पर जहां भूमि अधिग्रहण के बाद भी प्रतिकर का भुगतान लंबित है। वहीं, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के ऐसे मामलों की भी समीक्षा होगी, जो पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से स्वीकृति के लिए लंबित हैं। यह बैठक जनपद में विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक पारदर्शिता और लंबित मामलों के समाधान के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Leave a Reply