मऊ में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। अधिशासी अभियंता ए.के. सेठ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, सुविधाओं और लाभों की विस्तृत जानकारी दी। अधिशासी अभियंता एके सेठ ने स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 1,23,226 स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं और वे सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। शेष उपभोक्ताओं के घरों में भी मेसर्स जी.एम.आर. द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है। मोबाइल से किया जा सकता है रिचार्ज अधिकारियों के अनुसार, लगाए जा रहे सभी स्मार्ट मीटर आईएसआई प्रमाणित हैं। ये मीटर उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली की खपत और शेष राशि की सटीक जानकारी देते हैं। ये प्रीपेड प्रणाली पर आधारित हैं, जिन्हें मोबाइल की तरह आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है, जिससे बिल भुगतान की परेशानी खत्म हो जाती है। उपभोक्ताओं को कम बैलेंस, खपत और भुगतान की जानकारी प्रतिदिन एसएमएस के माध्यम से मिलती है। भविष्य में सोलर कनेक्शन लेने पर भी मीटर बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, प्रीपेड भुगतान पर 2% की छूट भी प्रदान की जा रही है। शिकायत दर्ज करने और बिजली कटौती की जानकारी उपभोक्ता UPPCL Smart App का उपयोग करके अपनी बिजली खपत की जानकारी दैनिक, मासिक और प्रति घंटे के आधार पर देख सकते हैं। ऐप के माध्यम से यूपीआई, पेटीएम और गूगल पे जैसे विकल्पों से तुरंत रिचार्ज किया जा सकता है। इसमें शिकायत दर्ज करने और बिजली कटौती की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा भी है। कनेक्शन कटने पर स्वतः रिकनेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध है। एके सेठ ने बताया कि केंद्र सरकार की RDSS योजना के तहत मौजूदा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर निःशुल्क लगाए जा रहे हैं। हालांकि, नए कनेक्शन पर नियमानुसार शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती रिचार्ज में पुराने बकाए के कारण राशि अधिक लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से वास्तविक खपत पर आधारित होती है।

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