मऊ जिले में विश्व जल दिवस के अवसर पर कल्प वाटिका फाउंडेशन ने एक 11 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन किया। यह पदयात्रा भैसही नदी (रघुनाथपुर) से तमसा नदी के गायघाट तक निकाली गई। सुबह 7:00 बजे शुरू हुई इस जनजागरूकता यात्रा का उद्देश्य जल संरक्षण का संदेश देना था, जो तमसा तट पर समाप्त हुई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रख्यात पर्यावरणविद् शैलेंद्र प्रताप यादव ने किया। पदयात्रा के दौरान कल्प वाटिका फाउंडेशन के अध्यक्ष रामानंद राय और सचिव संजय राय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जल का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों का संरक्षण है। अरविंद राय ने भी जल को जीवन बताते हुए इसके संरक्षण को हम सबका पहला कर्तव्य बताया। रोटरी क्लब के अध्यक्ष ए.के. सिंह, सचिव डॉ. एस. खालिद और नम्रता श्रीवास्तव ने पदयात्रियों का सम्मान कर उनका उत्साह बढ़ाया। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि गोरक्ष प्रांत के वीरेंद्र जी और अनूप जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस पदयात्रा में सैकड़ों लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें जवाहर राजभर, रामविलास, नरेंद्र, संदीप, गोलू, अरविंद राय, संजय राय, अजीत, पवन गुप्ता, डॉ. रामविलास भारती, बृजेश मौर्य और मनोज मौर्य सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल थे। पदयात्रा के अंत में, तमसा नदी के तट पर सभी प्रतिभागियों ने एकजुट होकर जल संरक्षण की शपथ ली। उन्होंने नदियों को स्वच्छ और जीवंत बनाए रखने का दृढ़ संकल्प भी दोहराया। यह पदयात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि इसने जन-जन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता की एक सशक्त लहर पैदा की, जिससे यह संदेश घर-घर तक पहुंचा।

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